
Rhiti Tiwari On 25 Thousand Pocket Money: रियलिटी शो 'बिग बॉस 20' (Bigg Boss 20) के घर से हाल ही में बेघर हुईं सिंगर और कंटेंट क्रिएटर रीति तिवारी (Riti Tiwari) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मशहूर अभिनेता व राजनीतिज्ञ मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) की बेटी रीति ने घर से बाहर आने के बाद अपने दिल का हाल बयां किया है। शो के दौरान अपने फाइनेंशियल स्ट्रगल, पिता से मिलने वाली 25,000 की पॉकेट मनी और उनके तथाकथित एक्स-सौतेले पिता एकम बावा (Ekam Bawa) द्वारा लगाए गए आरोपों पर रीति ने अब करारा जवाब दिया है।
जिस समय रीति तिवारी 'बिग बॉस 20' के घर में थीं, तब उन्होंने खुलासा किया था कि एक वक्त ऐसा भी था जब उनके पिता उन्हें हर महीने सिर्फ 25,000 देते थे। उस दौरान उन्हें वड़ा पाव खाकर दिन गुजारने पड़ते थे और गाड़ियों में पेट्रोल डलवाने तक के पैसे नहीं होते थे। उनके इस बयान के बाद उनके सौतेले पिता और पंजाबी सिंगर एकम बावा ने एक वीडियो जारी कर रीति के सभी दावा को झूठा बताया था और कहा था कि उनके पास महंगी कारें और लग्जरी ब्रांडेड बैग्स हैं, ऐसे में उनका फाइनेंशियल क्राइसिस की बात करना महज एक ड्रामा है।
अब जब रीति बिग बॉस 20 के घर से वापस आ गई हैं तो ऐसे में उन्होंने 'फ्री प्रेस जर्नल' से बात की और इस विवाद को लेकर एकम बावा पर सवाल पूछने पर कहा, "क्योंकि इस पूरे मामले में सही लीगल एक्शन (कानूनी कार्रवाई) लिया जा चुका है, इसलिए मैं इस पर सीधा कोई कमेंट नहीं करना चाहूंगी। लेकिन यह बयान जिस समय पर आया, वही अपने आप में बहुत बड़ा जवाब है। मैं वहां खुद का बचाव करने नहीं गई थी, हमारी ऑडियंस बहुत स्मार्ट है और वो सब समझती है कि सच क्या है।"
अपने 25,000 वाले बयान पर हो रही ट्रोलिंग पर सफाई देते हुए रीति ने साफ किया कि उन्होंने कभी भी खुद को गरीब या स्ट्रगलिंग दिखाने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा, "मैंने कभी नहीं कहा कि मैं स्ट्रगल कर रही हूं या मुझे किसी की सहानुभूति (Sympathy) चाहिए। मेरे पापा और परिवार की सोच बहुत साफ रही है- 'बेटा, अपनी पहचान खुद बनाओ।' अगर मुझे सब कुछ प्लेट में सजाकर मिल जाता, तो मेरे अंदर कुछ कर दिखाने की आग कभी पैदा ही नहीं होती। एक उम्र के बाद अपने माता-पिता से पैसे मांगने में झिझक होती है। यह मेरी प्रिविलेज या नॉन-प्रिविलेज की बात नहीं है, यह बस मेरी अपनी कहानी है।"
रीति ने आगे कहा कि वह बिग बॉस के घर में एक भावुक पल के दौरान बहुत रियल हो गई थीं। अगर उन्हें सहानुभूति ही बटोरनी होती तो वह सालों पहले ऐसा कर चुकी होतीं।