पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने रूसी मीडिया को दिया इंटरव्यू इमरान खान ने कहा कि मोदी अपने जनादेश के बल पर समस्याएं सुलझा सकते हैं पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा
नई दिल्ली। किर्गिस्तान के बिश्केक में एससीओ (SCO) सम्मेलन की बैठक के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी से बातचीत न होना पााकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए बड़ा झटका है। इसे लेकर वे दुनियाभर को बताने में लगे हैं कि पाक अपनी तरफ से बातचीत की पहल को तैयार है, मगर भारत वार्ता करने को तैयार नहीं हैं। रूसी समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार के दौरान इमरान खान ने माना भारत और पाक के रिश्ते इस समय बेहद बुरे दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी को एक बड़ा जनादेश मिला है। ऐसे में वह इसका इस्तेमाल दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने में कर सकते हैं। अगर दोनों देश चाहें तो कश्मीर जैसे मुद्दों का भी हल बातचीत के जरिए किया जा सकता है।
उम्मीद है कि पीएम मोदी उनसे आगे बातचीत को तैयार होंगे: इमरान
इमरान खान ने कहा कि दुर्भाग्य से उन्हें अब तक भारत से ज्यादा सफलता नहीं मिली है। लेकिन उम्मीद है कि पीएम मोदी उनसे आगे बातचीत को तैयार होंगे। उन्हें आशा है कि वे इस जनादेश का उपयोग बेहतर संबंध विकसित करने और उपमहाद्वीप में शांति लाने के लिए करेंगे। गौरतलब है कि इस साल फरवरी में कश्मीर के पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया। इसमें सीआरपीएफ के 40 जवान मारे गए।
इमरान खान ने अब तक कई कोशिशें की हैं
मोदी की जीत के बाद इमरान खान ने कई कोशिशें की ताकि दोबारा से वार्ता शुरू हो सके। उन्होंने पीएम मोदी की जीत का बधाई संदेश भेजा। वह पत्र लिखकर भी बातचीत का आग्रह करते आए हैं। खान ने कहा कि पाकिस्तान ने अप्रैल-मई में भारत के चुनावों से पहले ही रिश्तों को सुधारने की कोशिश की थी, लेकिन चुनावी अभियान के दौरान इसे प्रमुखता से नहीं लिया गया। चुनाव खत्म हो जाने के बाद पाकिस्तान उम्मीद कर रहा है कि भारतीय नेतृत्व इस अवसर का लाभ उठाएगा, मगर अभी तक ऐसा नहीं हुआ।
मतभेदों को सुलझाने के लिए बातचीत होना जरूरी: इमरान खान
खान ने कहा कि दोनों देश परमाणु हथियारों से संपन्न देश हैं। ऐसे में सैन्य साधनों के माध्यम से मतभेदों का हल नहीं हो सकता है। यह पागलपन है। इसलिए उन्हें उम्मीद है कि मतभेदों को सुलझाने के लिए बातचीत का इस्तेमाल किया जा सकता है। गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी की किर्गिस्तान यात्रा के लिए पाकिस्तान 72 घंटे तक हवाई क्षेत्र खोलने को भी तैयार हो गया, लेकिन मोदी ने गुरुवार को ओमान-ईरान के रास्ते जाने का फैसला किया। इसके बावजूद पाकिस्तान ने ऐलान किया है कि वह मोदी के वीवीआईपी एयरक्राफ्ट से किर्गिस्तान जाने-आने के लिए विशेष रूप से हवाई क्षेत्र खुला रखेगा।
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