जिले के दो बांधों का जीर्णोद्धार 370.23 लाख रुपए से किया जाएगा। यह कार्य पूरा होने पर 8500 किसानों के खेतों में बिना छीजत व सीपेज के पानी पहुंचेगा। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से जापान इंटरनेशनल कॉरर्पोरेशन एजेंसी (जायका) की ओर से वर्ष 1964-65 में बने सारण बांध व स्टेट काल में बने […]
जिले के दो बांधों का जीर्णोद्धार 370.23 लाख रुपए से किया जाएगा। यह कार्य पूरा होने पर 8500 किसानों के खेतों में बिना छीजत व सीपेज के पानी पहुंचेगा।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से जापान इंटरनेशनल कॉरर्पोरेशन एजेंसी (जायका) की ओर से वर्ष 1964-65 में बने सारण बांध व स्टेट काल में बने शिवनाथ सागर बांध के दशा के साथ उनकी नहरों को सुधारा जा रहा है। मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र के 66 एमसीएफटी पानी क्षमता वाले सारण बांध पर 224.23 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें 3.36 किमी की नहरों को भी सुधारा जाएगा। यह बांध बनने के बाद सारण व वोपारी गांव के 495 हैक्टेयर के कमांड क्षेत्र में बेहतर सिंचाई हो सकेगी। इस बांध का कार्य 14 जनवरी 2028 तक पूरा किया जाएगा। बांध बनने पर चार हजार लोगों को लाभ मिलेगा।
बाली क्षेत्र के 49 एमसीएफटी क्षमता वाले शिवनाथ सागर बांध का व उसकी नहरों का फिर से निर्माण करने के लिए 146 लाख रुपए खर्च होंगे। इस बांध से 5.28 किलोमीटर की नहर से 528 हैक्टेयर में सिंचाई होती है। इससे 4500 किसान जुड़े है। इस बांध का निर्माण जुलाई 2027 तक पूरा किया जाना प्रस्तावित है।
इन दोनों बांधों पर बांध कमांड संगम से जुड़े किसानों के लिए भवन निर्माण भी करवाया जाएगा। वहां 30 गुणा 20 वर्ग फीट क्षेत्र में बनने वाले भवन में एक हॉल, एक कमरा के साथ शौचालय व बाथरूम सुविधा भी किसानों को मिलेगी।
शिवनाथ सागर बांध में नहरों का निर्माण पहली बार ईंटों से किया जाएगा। वहीं सारण बांध में सिंगल टाइल लाइनिंग की जाएगी। इससे पानी की छीजत कम होने के साथ सीपेज भी नहीं होगा। इन बांधों पर कट ऑफट्रेंच (सीओटी) निर्माण कराया जाएगा। साथ ही सभी पुल, सभी आउलेट, फॉल्स, साइफन भी फिर से बनाए जाएंगे।
बांधों के निर्माण के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिए है। वहां एजेंसियों की ओर से जल्द कार्य किया जाएगा। बांधों का जीर्णोद्धार होने पर किसानों को सिंचाई में परेशानी नहीं होगी।
शंकरलाल राठौड़, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग, पाली