
पाली। जिले में दसवीं व बाहरवीं में कक्षा की सरकारी स्कूलों में कितनी पढ़ाई होती है। इसका पता आपको स्कूलों को मिली रंैकिंग से लग जाएगा। जिले में 480 माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालय है। इनमें से फाइव स्टार रैंकिंग महज 49 स्कूलों को मिली है। जबकि शेष 431 स्कूल ऐसे है जिनका परिणाम शत प्रतिशत नहीं रहा। यदि परिणाम शत प्रशित रहा तो उनमें से पास होने वाले विद्यार्थी प्रथम श्रेणी के बजाय द्वितीय या तृतीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुए। ऐसे में उन स्कूलों का फाइव स्टार रैंकिंग में चयन नहीं हो सका। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार शत प्रतिशत परिणाम के साथ कम से कम 60 प्रतिशत विद्यार्थियों के प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने पर ही फाइव स्टार रंैकिंग दी जाती है।
सबसे अधिक स्कूल जैतारण क्षेत्र में
फाइव स्टार आने वाले स्कूलों में सबसे ज्यादा 11 स्कूल जैतारण ब्लॉक के है। बाली, देसूरी, मारवाड़ जंक्शन व रोहट क्षेत्र में दो-दो स्कूल, पाली में 7, रायपुर में 7, रानी में 4, सोजत में 9 और सुमेरपुर ब्लॉक में 3 स्कूल फाइव स्टार रंैकिंग हासिल करने में सफल रहे।
पंचायत 41 उजियारी, शिक्षक तीन श्रेष्ठ
ऐसा ही हाल उजियारी पंचायत के श्रेष्ठ शिक्षकों का है। जिले में 480 में से 41 ग्राम पंचायतों को उजियारी घोषित किया गया। इन स्कूलों में उत्कृष्ट शिक्षक तीन ही मिले। ये शिक्षक ओमप्रकाश माली प्रधानाध्यापक राजकीय उच्च प्राथमिक काया भील झाला की चौकी रायपुर, शिवराम व्या याता राउमावि टेवाली व दिलीप कुमार व्याख्याता राउमावि गड़ा जाटान है।
बांगड़ स्कूल में प्रतिभाओं को नवाजा
बांगड़ स्कूल में उजियारी पंचायतों के साथ श्रेष्ठ शिक्षकों और फाइव स्टार प्राप्त करने वाले स्कूलों का मंगलवार सुबह सम्मान किया गया। शिक्षकों को प्रमाण पत्र, शॉल, श्रीफल व मॉमेन्टो प्रदान किया गया, जबकि उजियारी पंचायत के सरपंच व पंचायत प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी को प्रमाण पत्र दिया गया है।
अन्य स्कूलों को भी मिलेगी प्रेरणा
उजियारी पंचायत, उनके श्रेष्ठ शिक्षकों के साथ फाइव स्टार प्राप्त करने वाले स्कूलों का स मान किया गया है। इससे अन्य स्कूलों में भी स्वस्थ प्रतिस्पद्र्धा का भाव पैदा होगा। उनको प्रेरणा भी मिलेगी। -पन्नालाल अहीर, जिला शिक्षा अधिकारी, मा. पाली