
पाली। कैबिनेट मंत्री झाबर सिंह खर्रा से मिलने से रोकने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस की कार्यशैली से नाराज कार्यकर्ता पाली में सर्किट हाउस के बाहर ही धरने पर बैठ गए। पिछले 3 घंटे से धरने पर बैठे कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पुलिस के आला अधिकारी समझाइश में जुटे हुए है। लेकिन, प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े हुए है। धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि उन्हें आम जनता की आवाज को मंत्री तक पहुंचाने का अधिकार है। लेकिन, पुलिस प्रशासन कुछ लोगों को ही मंत्री से मिलने की बात कह रहा है।
दरअसल, पाली शहर की बदहाल स्थिति को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपालसिंह निम्बाड़ा के नेतृत्व में गुरुवार सुबह पार्टी पदाधिकारी पाली प्रभारी मंत्री झाबर सिंह खर्रा से मिलने के लिए पहुंचे। लेकिन, पुलिस ने उन्हें सर्किट हाउस में जाने से रोक दिया। इससे नाराज होकर कार्यकर्ताओं ने सर्किट हाउस के बाहर धरना शुरू कर दिया। धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्यशैली और प्रशासन के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई है।
सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ धरना दोपहर 12 बजे बाद भी जारी है। प्रशासन की ओर से पांच लोगों को अंदर जाने और बाकी को बाहर बैठने को कहा गया है। इस पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि अंदर पांच ही लोग जाएंगे। लेकिन अन्य कार्यकर्ताओं को सर्किट हाउस परिसर स्थित बगीचे में बैठने दिया जाए। इस पर सहमति नहीं बनने से अभी धरना जारी है। प्रशासन और पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए मौके पर अतिरिक्त बल तैनात किया है।
कांग्रेस कार्यकर्ता पाली शहर की जर्जर सड़कों, सीवरेज व्यवस्था और चरमराई पेयजल आपूर्ति जैसी मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मंत्री को ज्ञापन देने आए थे। धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल पर आक्रोश जताते हुए महंगाई, भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर जमकर हमला बोला। साथ ही इसे जनविरोधी नीतियों का परिणाम करार देते हुए कार्रवाई की मांग की।
इससे पहले पाली जिले के प्रभारी मंत्री झाबर सिंह खर्रा के खुड़ाला-फालना दौरे के दौरान नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हितेशकुमार मेवाड़ा ने ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में क्षेत्र की चिकित्सा और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की गई। ज्ञापन में बताया गया था फालना नगर में राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत किया गया है। हालांकि, यहां चिकित्सकों और चिकित्सा स्टाफ की कमी है।
सुविधाओं और संसाधनों के अभाव में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है, इसके अतिरिक्त, नगरपालिका खुड़ाला-फालना में स्वास्थ्य निरीक्षक का पद लंबे समय से रिक्त है। इस कारण क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बाधित हो रही है। खुड़ाला-फालना में आठवीं कक्षा के बाद 12वीं तक की पढ़ाई के लिए कोई सरकारी विद्यालय नहीं है। इससे विद्यार्थियों को आठवीं के बाद आगे की पढ़ाई जारी रखने में परेशानी हो रही है।