
पाली। जिले के जवाई लेपर्ड कंजर्वेशन एवं सामाजिकी वानिकी वनक्षेत्र के अधीन राजस्व ग्राम कैरापुरा में रविवार एक वृद्ध पर पैंथर ने अचानक हमला कर दिया। वृद्ध शौच निवृत्ति के बाद खेत स्थित अपने फार्म हाउस लौट रहे थे, तभी सामने आए पैंथर ने उन पर झपट्टा मार दिया। हमले में वृद्ध गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके शरीर पर कई जगह जख्म हो गए। ग्रामीणों के शोर मचाने पर पैंथर मौके से भाग निकला। घायल वृद्ध को तत्काल बाली अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
यह वीडियो भी देखें
घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मुआवजा प्रकरण बनाकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। कुम्भलगढ़ अभयारण्य के सहायक वनपाल ईश्वरसिंह चौहान की सूचना पर सुमेरपुर रेंजर महेन्द्रप्रतापसिंह एवं वन विभाग के कार्मिकों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। रेंजर ने बताया कि कैरापुरा सरहद क्षेत्र में लंबे समय से लेपर्ड का निवास है। आवश्यकता महसूस होने पर क्षेत्र की रैकी कर पैंथर का रेस्क्यू भी किया जाएगा।
पाली जिले के सादड़ी रेंज के सहायक वनपाल तथा कैरापुरा निवासी ईश्वरसिंह चौहान ने बताया कि उनके कुंडाल फार्म के समीप उनके चाचा गुलाबसिंह पुत्र सवाईसिंह चौहान का फार्म हाउस स्थित है। गुलाबसिंह अपने परिवार के साथ वहीं निवास करते हैं। फार्म हाउस से सटी पहाड़ी और चट्टानी क्षेत्र में लंबे समय से पैंथर का रहवास है, लेकिन इससे पहले कभी किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि शनिवार देर रात क्षेत्र में दो पैंथरों के बीच संघर्ष हुआ था। दोनों के बीच हुई भिड़ंत के दौरान तेज आवाजें सुनाई दे रही थीं। आवाजें सुनकर गुलाबसिंह और उनके परिवार के सदस्य जाग गए थे।
रविवार को रोजमर्रा के कार्यों के तहत पशुओं का दूध निकालने के बाद गुलाबसिंह शौच निवृत्ति के लिए गए थे। वापस फार्म हाउस लौटते समय अचानक सामने पैंथर आ गया और उसने उन पर हमला कर दिया। हमले के दौरान गुलाबसिंह ने सूझबूझ का परिचय देते हुए अपने हाथ आगे कर लिए, जिससे पैंथर का पहला वार हाथों पर पड़ा। पैंथर ने उनके दोनों हाथों को काटकर घायल कर दिया। इसके अलावा उसके नाखून चेहरे पर लगने से नाक और आंख के आसपास भी गंभीर चोटें आईं और वे लहूलुहान हो गए। वृद्ध की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शोर मचाया। लोगों की आवाजें सुनते ही पैंथर वहां से भाग निकला।
घायल अवस्था में परिजन उन्हें तुरंत बाली अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका उपचार चल रहा है। घटना की जानकारी मिलने पर सुमेरपुर रेंजर महेन्द्रप्रतापसिंह एवं वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की तथा मुआवजा प्रकरण तैयार कर उच्चाधिकारियों को प्रेषित किया। वन विभाग ने क्षेत्र के लोगों से सतर्क रहने और जंगल से सटे इलाकों में अकेले नहीं जाने की अपील की है।