
पाली/रायपुर मारवाड़। ड्राइ डे को सेंदड़ा के चांग गांव में शराब ठेके पर शराब बिकने के मामले में अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोधपुर के निर्देश पर चांग शराब ठेकेदार सहित शराब बेचने वालों के खिलाफ आबकारी थाना जैतारण में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला जैतारण आबकारी निरीक्षक मदनलाल गुर्जर की रिपोर्ट पर दर्ज किया गया है, जिसने इस प्रकरण में झूठी रिपोर्ट तैयार की थी। इससे पहले इस प्रकरण में आबकारी निरीक्षक गुर्जर द्वारा झूठी रिपोर्ट तैयार करने व जिला आबकारी अधिकारी जीआर सुथार की ओर से इस रिपोर्ट को स्वीकार करने को गं ाीरता से लिया गया है। दोनों से जवाब मांगा गया है।
अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
राजस्थान पत्रिका ने दो दिन पूर्व स्टिंग समाचार प्रकाशित कर चांग गांव में सरकारी शराब के ठेके से ड्राइ डे पर शराब बिक्री होने का मामला उजागर किया था। जैतारण आबकारी निरीक्षक गुर्जर ने इसकी झूठी मौका रिपोर्ट तैयार कर शराब ठेके को बंद बता दिया और शराब बेचने वाले रोशन काठात को ही गवाह बना दिया। मामला जब अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोधपुर राजेश चौहान के पास पहुंचा तो उन्होंने पत्रिका के वीडियो के आधार पर दुबारा जांच करवाई। इसमसें पुरानी जांच रिपोर्ट झूठी निकली।
गुरुवार को चौहान के निर्देश पर चांग शराब ठेके के लाइसेंसी सुमन चंद्र्रवट पत्नी देवेन्द्र सिंह के खिलाफ लाइसेंस पत्र की शर्तों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है। इसमें अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। प्रकरण में पहले झूठी रिपोर्ट तैयार करने के आरोप में आबकारी निरीक्षक की भूमिका संदिग्ध सामने आई है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है। वहीं जिला आबकारी अधिकारी सुथार से जवाब मांगा गया है। दोनों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
यह उठ रहे हैं सवाल
-आबकारी निरीक्षक गुर्जर द्वारा पहले झूठी रिपोर्ट तैयार करने के पीछे क्या कारण
-जिला आबकारी अधिकारी सुथार ने इस रिपोर्ट को स्वीकार तो कर दिया, लेकिन सवाल क्यों नहीं उठाए
-अब ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, इसकी जांच कौन करेगा
-क्या आबकारी निरीक्षक गुर्जर पर विभाग को गुमराह करने का मामला दर्ज होगा
कार्यालय खुलने से पहले जोधपुर पहुंचे आबकारी डीइओ
दुबारा हुई जांच में आबकारी निरीक्षक गुर्जर की भूमिका संदिग्ध सामने आई। इस पर कार्यालय खुलने से पहले ही जिला आबकारी अधिकारी जीआर सुथार जोधपुर आबकारी कार्यालय पहुंच गए। वहां अतिरिक्त आबकारी आयुक्त चौहान ने फिर फटकार लगाई और जवाब मांगा। मामले में जैसे ही एफआइआर दर्ज होने के आदेश हुए। जिला आबकारी अधिकारियों में हडक़ंप मच गया।