पाली

ग्राउंड रिपोर्ट: चीन, जापान और ब्रिटेन भी पिछड़े, स्विट्जरलैंड के बाद भारत दुनिया का दूसरा देश, जहां 99% ब्रॉडगेज इलेक्ट्रिक

भारत ने ब्रॉडगेज रेलवे विद्युतीकरण में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इंटरनेशनल यूनियन ऑफ रेलवेज (जून 2025) के अनुसार, 99.6 प्रतिशत ब्रॉडगेज नेटवर्क इलेक्ट्रिफाइड होने के साथ भारत स्विट्जरलैंड के बाद दूसरे स्थान पर है। इससे डीजल खपत और कार्बन उत्सर्जन में बड़ी कमी आई है।
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Jul 24, 2026
India Beats China Japan and UK Broad Gauge Electrification
पाली-मारवाड़ रेलवे स्टेशन से गुजरते ट्रैक पर लगे बिजली के खंभे और तार, जिनसे ट्रेन चलती (पत्रिका फोटो)

Indian Rail Network: पाली: विश्व के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक, भारतीय रेलवे ने पर्यावरण-अनुकूल और हरित परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। भारतीय रेलवे अब ब्रॉडगेज नेटवर्क के विद्युतीकरण के मामले में स्विट्जरलैंड के बाद दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। देश में रेलवे के ब्रॉडगेज नेटवर्क का लगभग 99.6 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह से इलेक्ट्रिक हो चुका है और शेष बचे नेटवर्क का काम भी मिशन मोड पर जारी है।

विद्युतीकरण में जबरदस्त तेजी

साल 2014 से पहले जहां देश में केवल 21,801 किलोमीटर रेल मार्ग का विद्युतीकरण हुआ था। वहीं, साल 2014 से 2026 के बीच 48,072 किलोमीटर नई रेल लाइनों को इलेक्ट्रिक कर दिया गया है। इंटरनेशनल यूनियन ऑफ रेलवेज (UIG) की जून 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के प्रमुख देशों में रेलवे सिस्टम के विद्युतीकरण की स्थिति इस प्रकार है।

  • स्विट्जरलैंड: 100%
  • भारत: 99.6%
  • चीन: 82%
  • स्पेन: 67%
  • जापान: 64%
  • फ्रांस: 60%
  • यूनाइटेड किंगडम: 39%

डीजल की खपत में 185 करोड़ लीटर की भारी गिरावट

नेटवर्क के तेजी से विद्युतीकरण होने के कारण रेलवे में डीजल की खपत में भारी कमी दर्ज की गई है। साल 2015-16 में डीजल की खपत 293 करोड़ लीटर थी। जो साल 2024-25 में खपत घटकर लगभग 108 करोड़ लीटर रह गई (और अब यह इससे भी कम हो चुकी है)। इस प्रकार देश में डीजल खपत में कुल 185 करोड़ लीटर की कमी आई है।

यदि क्षेत्रीय स्तर पर देखें तो उत्तर-पश्चिम रेलवे (NWR) ने भी एक साल में 7.5 करोड़ लीटर डीजल की बचत की है। यहां 2023-24 में डीजल की खपत 32 करोड़ लीटर थी, जो 2024-25 में घटकर 24 करोड़ लीटर रह गई।

पर्यावरण सुरक्षा: CO₂ उत्सर्जन में बड़ी राहत

सड़क परिवहन की तुलना में रेल परिवहन पर्यावरण के लिए काफी सुरक्षित साबित हो रहा है। नीति आयोग की जून 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 टन सामान को 1 किलोमीटर तक सड़क मार्ग से ले जाने पर 101 ग्राम कार्बन डाईऑक्साइड का उत्सर्जन होता है। जबकि इतने ही सामान और दूरी के लिए रेल मार्ग से ले जाने पर महज 11.5 ग्राम कार्बन डाईऑक्साइड का उत्सर्जन होता है।

भारतीय रेलवे का 99.6 प्रतिशत ब्रॉडगेज नेटवर्क विद्युतीकृत होना देश के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे परिचालन अधिक ऊर्जा दक्ष, पर्यावरण अनुकूल और किफायती बना है। उत्तर-पश्चिम रेलवे ने भी डीजल की खपत में कमी लाकर स्वच्छ एवं हरित परिवहन की दिशा में योगदान दिया है।
-अनुराग त्रिपाठी, मंडल रेल प्रबंधक (DRM), उत्तर-पश्चिम रेलवे, जोधपुर मंडल

Updated on:
24 Jul 2026 01:01 pm
Published on:
24 Jul 2026 01:01 pm