पाली जिले के प्रभारी मंत्री झाबरसिंह खर्रा गुरुवार को सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता कर रहे थे। इस दौरान पत्राकारों के सवाल सुन उखड़ गए। खर्रा ने कहा कि 'पाली के लोग सकारात्मक कम, नकारात्मक ज्यादा हैं मैं एक-एक को पहचान गया हूं। सीवरेज, अतिक्रमण व डेंगू-मलेरिया के सवाल पर मंत्री खर्रा नाराज हो गए।

पाली। 'पाली के लोग सकारात्मक कम, नकारात्मक ज्यादा हैं। मैं दो साल में एक-एक को पहचान गया हूं। लोग समस्या क्रिएट करते हैं।' यह बात जिले के प्रभारी मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने गुरुवार को सर्किट हाउस में बातचीत करते हुए कही। सीवरेज, अतिक्रमण व डेंगू-मलेरिया को लेकर पत्रकारों के सवाल करने पर वे उखड़ गए और इसके लिए शहरवासियों को दोषी करार दे दिया। उन्होंने कहा कि पाली के लोग सीवरेज हौदियों को खोलकर उसमें कचरा डालते हैं। उनमें भवन निर्माण की बची सामग्री डाल देते हैं।
वर्षा जल निकासी के सवाल पर बोले- 'मैंने दो साल पहले मड पम्प लगाने के बजाय नालियां बनाने के लिए अधिकारियों से कहा था। उन्होंने बताया था कि लोगों ने नालियां बंद कर दी। जब उनसे नालियां खुलवाने को कहा तो वे टाल गए।'
सीवरेज से पानी निकासी नहीं होने पर बोले पाली में वर्षों पहले बिछाई 100 किमी की सीवरेज ठीक है। उसकी खामियों को दूर करवाया है। जबकि हालात यह है कि उस लाइन की सफाई तक समय पर नहीं होती। वह लाइन भी एलएंडटी की ओर से डाली पाइप लाइन से कुछ समय पहले ही डाली गई थी। जो बार-बार चॉक व ओवरफ्लो होती है।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि एलएंडटी की ओर से डाली सीवरेज का इनलेट नीचा व आउटलेट ऊंचा है। इस गडबड़ी को ठीक करने के लिए कम्पनी को एक साल से मैंटेनेस का पैसा नहीं दिया है। उन्होंने कम्पनी के कार्य नहीं करने पर उसकी बैंक गारंटी भी जब्त करने को कहा। सीवरेज लाइन के लिए कहा कि ये कुकृत्य उन लोगों ने किया, जो उस समय थे।
शहर में बरसाती पानी निकासी के सवाल पर बोले एनएचएआई की ओर से राशि स्वीकृत करवाई है। पक्के नाले का निर्माण बरसात से पहले पूरा हो जाएगा। जबकि अभी तक कच्चे नाले की खुदाई तक पूरी नहीं हुई है। जुलाई के पहले सप्ताह में बरसात आती है तो 25 दिन में निर्माण कैसे पूरा होगा?
मंत्री झाबरसिंह खर्रा डेंगू व मलेरिया को लेकर बोले, प्रदेश में सबसे कम केस डेंगू व मलेरिया के पाली में रहे। जब उनसे कहा कि चिकित्सा विभाग केस छुपाता है तो वे तिलमिला गए और तेज आवाज में बोले आरोप लगाना आसान है, प्रमाणित करना मुश्किल। डेंगू व मलेरिया का एक भी प्रकरण आए तो मुझे फोन करें।
जयपुर की तरह पाली से अतिक्रमण हटाने के सवाल पर बोले, वहां 99 प्रतिशत लोगों ने समझाइश के बाद हमारा सहयोग किया। पाली की परिस्थितियां दूसरी हैं। हम अतिक्रमण हटाने की कोशिश कर रहे हैं। समझाइश से माने तो ठीक, नहीं तो कठोर कदम उठाएंगे।