पाली

JJM के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता, राजस्थान में हर 10वां पानी का नमूना दूषित

Jal Jeevan Mission: जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत पेयजल की गुणवत्ता की रोजाना हो रही जांच में चिंताजनक स्थिति सामने आई है। एक अगस्त तक देश में हर 45वां और राजस्थान में लगभग हर 10वां पानी का नमूना दूषित मिला है, जो पेयजल की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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Aug 03, 2026
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JJM के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता। फोटो: एआई

पाली। जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत पेयजल की गुणवत्ता की रोजाना हो रही जांच में चिंताजनक स्थिति सामने आई है। एक अगस्त तक की रिपोर्ट के अनुसार देशभर में जांचे गए हर 45वें पानी के नमूने में दूषित तत्व पाए गए हैं, जबकि राजस्थान की स्थिति इससे कहीं अधिक गंभीर है। यहां लगभग हर 10वां पानी का नमूना मानकों पर खरा नहीं उतरा। ये आंकड़े पेयजल की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करते है।

जल जीवन मिशन के तहत रोजाना पेयजल की गुणवत्ता की जांच करवाई जा रही है। एक अगस्त तक देशभर में जांचे गए 23,25,081 पानी के नमूनों में से 51,266 नमूने दूषित पाए गए। यानी लगभग हर 45वां नमूना गुणवत्ता के निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरा। वहीं, राजस्थान की स्थिति राष्ट्रीय औसत से अधिक गंभीर है। प्रदेश में एक अगस्त तक 13,565 नमूनों की जांच की गई, जिनमें 1,341 नमूने दूषित मिले। यानी राज्य में लगभग हर 10वां पानी का नमूना मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।

राजस्थान में 80 प्रयोगशालाओं के माध्यम से पेयजल के नमूनों की जांच

ये आंकड़े जल जीवन मिशन, जल गुणवत्ता प्रबंधन सूचना प्रणाली, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा जल शक्ति मंत्रालय की ओर से प्रतिदिन जारी की जाने वाली जल गुणवत्ता जांच रिपोर्ट पर आधारित है। जल जीवन मिशन के तहत देशभर में 2,850 प्रयोगशालाओं में पेयजल के नमूनों की जांच की जा रही है। इनमें 2,196 संस्थागत प्रयोगशालाएं और 654 जल शोधन संयंत्र (वाटर ट्रीटमेंट प्लांट) स्थित प्रयोगशालाएं शामिल है। राजस्थान में 80 प्रयोगशालाओं के माध्यम से पेयजल के नमूनों की जांच की जा रही है।

जलजनित बीमारियों का खतरा!

बता दें कि दूषित पानी से जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों पर सबसे अधिक असर पड़ने की आशंका रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पानी के स्रोतों की नियमित निगरानी, पाइपलाइन नेटवर्क का बेहतर रखरखाव और समय पर शुद्धिकरण व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि हर घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

देश में नमूनों की स्थिति

तिथिजांचे गए नमूनेदूषित नमूने
26 जुलाई तक21,55,57348,608
28 जुलाई तक22,14,76449,790
29 जुलाई तक22,46,47650,156
1 अगस्त तक23,25,08151,266

राजस्थान में नमूनों की स्थिति

तिथिजांचे गए नमूनेदूषित नमूने
26 जुलाई तक12,6071,261
28 जुलाई तक12,8111,279
29 जुलाई तक13,0681,307
1 अगस्त तक13,5651,341

पाली में शिकायत नहीं

जल जीवन मिशन के तहत जांचे गए नमूनों में पाली जिले में दूषित नहीं मिले है। यहां सरफेस पानी का उपयोग ही अधिक किया जाता है। जिन जगहों पर भू-जल के नमूने लिए जाते हैं व पेयजल में उपयोग होता है। वहां दूषित पानी मिल सकता है।
-मनीष माथुर, एसई, पीएचईडी, पाली

Updated on:
03 Aug 2026 07:01 am
Published on:
03 Aug 2026 07:01 am