
पाली। जैन संत रूपमुनि के पांव की नलियों में ब्लाकेज होने पर सोमवार
शाम को उन्हें अहमदाबाद के साल अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
जहां उनका उपचार चल रहा है। संत के बीमार होने की सूचना
मिलते ही उनके सैकड़ों भक्त अस्पताल मंगलवार व बुधवार को अस्पताल
पहुंचे। उनके स्वास्थ्य में सुधार देखा तो कुछ राहत की सांस ली।
जैन संत रूपमुनि के शिष्य नेमीचंद चौपड़ा ने बताया कि श्रमण संघ के
वरिष्ठ प्रवर्तक जैन संत रूपमुनि के पांव की नलियों में ब्लाकेज व
चेहरे पर पक्षाघात की शिकायत थी। जिन्हें उपचार के लिए अहमदाबाद
के शाल अस्पताल में भर्ती करवाया। संत के पांव की नलियों में
ब्लाकेज के चलते चिकित्सकों ने ऑपरेशन किया। मंगलवार रात को
चेहरे पर लकवे की शिकायत भी हुई। बुधवार सुबह उनकी
एमआरआई करवाई गई। बुधवार शाम तक उनकी स्थिति में पहले
की अपेक्षा सुधार नजर आया। साल अस्पताल के चिकित्सक राज मांडोत,
किरण दवे, जितेन्द्रसिंह उनका उपचार कर रहे है।
अस्पताल में लगी भक्तों की भीड़
संत के अस्वस्थ होने की सूचना मिलते ही बड़ी सं या में भक्त अहमदाबाद
अस्पताल पहुंच गए। बुधवार को भी अस्पताल के बाहर भक्तों की भीड़
रही। संत हरीश मुनि, केसी बोकाडिय़ा, अनिलकुमार, राजेन्द्र
शाह, हुकमीचंद जयपुर, मुकेश चौहान जोधपुर, विमलकुमार
मु बई, नरेन्द्र अहमदाबाद, माणक डागा सहित कई भक्त उपस्थित
रहे।
संत के स्वस्थ होने के लिए कि प्रार्थना
संत के स्वास्थ सुधार की कामना को लेकर उनके हजारों
अनुयायियों ने मंदिरों, उपासरों, स्थानकों, तीर्थस्थलों में
जाकर ल बी उम्र की कामना की। कई जगह सामूहिक प्रार्थनाएं की
गई।
जैतारण में चल रहा है चातुर्मास
वरिष्ठ प्रवर्तक जैन संत रूपमुनि का चातुर्मास जिले के जैतारण
कस्बे के पावनधाम में चल रहा है। वे ल बे समय से बीमार चल रहे
हैं। बुधवार को पक्षाघात से वे बोलना बंद हो गए। इसी के चलते
उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया।