पाली

चेहरों पर मुस्कान, कहा-नहीं भूलेंगे गुलाबी नगरी का भ्रमण

जयपुर से लौटे दिव्यांग: स्वावलम्बन संस्थान ने एक रुपए में कराया भ्रमण
2 min read
Aug 01, 2018
pali hindi news
चेहरों पर मुस्कान, कहा-नहीं भूलेंगे गुलाबी नगरी का भ्रमण

पाली। सामान्य व्यक्ति की तरह हम खुद का काम सहजता से नहीं कर सकते हैं।
घूमना तो बहुत दूर की बात है। लेकिन हमारा सपना स्वावलम्बन संस्था के
प्रयासों से पूरा हो गया। दो दिन में हमें एक बार भी अहसास नहीं हुआ कि
हम नि:शक्त है। संस्था के सदस्य हर पल हमारी सहायता के लिए तत्पर रहे। सच
कहें तो यह भ्रमण हमें जीवन भर याद रहेगा। यह कहना है उन दिव्यांगों का,
जो हाल ही में जयपुर के भ्रमण से लौटे हैं।
ज्ञात रहे कि स्वावलम्बन संस्थान ने जिले के 101 दिव्यांगों का चयन कर
उन्हें महज एक रुपए में दो दिन 29-30 जुलाई, की जयपुर यात्रा पर ले गए
तथा खाने-पीने व रहने की व्यवस्था भी खुद ने की।

कलक्टर ने हरी झण्डी दिखाकर किया था रवाना
स्वावलम्बन संस्थान ने जिले के 101 दिव्यांगों को जयपुर का भम्रण करवाया। जिन्हें शनिवार को पाली के विवेकानन्द सर्किल से जिला कलक्टर सुधीर कुमार शर्मा ने दिव्यांगों की बस को हरी झण्ड़ी दिखाकर रवाना किया था। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग व संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित थे।


वीआइपी की तरह रखा
इन दो दिनों में मुझे एक बार भी अहसास नहीं हुआ कि मैं निरूशक्त हूं।
संस्था के सदस्य हर समय मदद के लिए तैयार मिले। ऐसे लगा जैसे मैं वीआइपी
हूं।
-गोविन्द कुमार, सुमेरपुर

जीवन का पहली यात्रा
मेरे जीवन की यह ऐसी पहली यात्रा थी, जिसमें मेरे परिवार का कोई सदस्य
साथ नहीं था। दो दिनों का भ्रमण काफ ी यादगार रहा। रोड क्रॉस करना हो तो
भी साथ रहे।
-भरत पंवार, पाली

काफी मजा आया
इस दो दिनों के भ्रमण से निरूशक्त होने का दर्द भूल गया। काफी मजा आया और
आत्मविश्वास भी बढ़ा। सीढिय़ां चढऩे के दौरान कई बार संस्था के सदस्य
गोद में उठाकर ले गए।
-जोगाराम देवासी, रोहट

काफ ी अच्छा लगा
देश की राजधानी देखने का पहली बार मौका मिला। इस भ्रमण ने जीवन में आनंद
व आत्मविश्वास का संचार कर दिया। संस्था के प्रयासों से ही ये हो पाया।
-नरेन्द्र चौहान, कंटालिया

Published on:
01 Aug 2018 02:29 pm