पाली

Rajasthan News : एलिवेटेड रोड बनेगा या सुरंग अभी साफ नहीं, एनएच करवा रहा सर्वे!

Mewar to Marwar connectivity : मेवाड़ व मारवाड़ क्षेत्र को जोड़ने वाले पाली-नाडोल-देसूरी-चारभुजा मार्ग के बीच अरावली की वादियों में खतरनाक देसूरी नाल है। इसके निर्माण को लेकर अभी तक वन विभाग की ओर से स्वीकृति नहीं मिली है।

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May 04, 2026
Mewar to Marwar connectivity
देसूरी की नाल जिसमें एलिवेटेड रोड या टनल बनाना प्रस्तावित।  फोटो पत्रिका

पाली। मेवाड़ व मारवाड़ क्षेत्र को जोड़ने वाले पाली-नाडोल-देसूरी-चारभुजा मार्ग के बीच अरावली की वादियों में खतरनाक देसूरी नाल है। इसके निर्माण को लेकर अभी तक वन विभाग की ओर से स्वीकृति नहीं मिली है। इस मार्ग पर 9 किलोमीटर लम्बी देसूरी नाल में एलिवेटेड रोड बनेगी या सुरंग यह भी अभी तय नहीं है।

देसूरी-नाडोल होकर चारभुजा जाने वाले मार्ग को तैयार करने के लिए डीपीआर बनाई गई थी। इस मार्ग की अनुमानित लागत 1800 से 2000 करोड़ रुपए है। इस मार्ग पर 9 बाइपास बनाना प्रस्तावित है। इसके बाद किसी भी वाहन को गांवों के भीतर से होकर नहीं गुजरना होगा।

इसी मार्ग पर देसूरी नाल है। इस मार्ग का एनएच की ओर से सर्वे का कार्य करवाया जा रहा है। एनएच विभाग के रायपुर-जस्साखेड़ा मार्ग पर पेड़ों की संख्या नहीं होने के कारण मामला अटक गया है। ऐसे में देसूरी मार्ग की रिपोर्ट में पेड़ों की संख्या भी शामिल की जा रही है।

इस मार्ग जरूरत होने पर करीब 8 किमी का एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा। जो वर्तमान सड़क के पास से गुजर रही खाई में पिलर खड़े कर तैयार किया जाना है। ऐसा नहीं होने पर सुरंगें भी बनाई जा सकती है।

इन गांवों में बनाए जाएंगे बाइपास

सोनाई मांझी, बूसी, नाडोल, टेवाली, सोमेसर, देवली, खारड़ा, नारलाई और देसूरी आदि।

इनका कहना है

पेड़ों की गिनती करवाई जा रही है। इस मार्ग पर देसूरी में टनल भी दे सकते या एलिवेटेड रोड बना सकते हैं। गांवों से निकलने वाले मार्ग पर बाइपास दिए जाएंगे।

अंजू चौधरी, अधीक्षण अभियंता, एनएच

सांसद ने उठाया संसद में मामला

इस मार्ग के निर्माण का मामला सांसद पीपी चौधरी ने संसद में भी उठाया है। जिसमे उन्होंने बताया था कि एनएच-162 ई (पाली-नाडोल-देसूरी) मार्ग पर 1000 से अधिक नागरिकों का जीवन समाप्त हो चुका है। इस 83 किलोमीटर लम्बे मार्ग की रचना सड़क ज्यामिति मानकों के अनुरूप नहीं है। सड़क का बड़ा हिस्सा घनी आबादी, बाजार क्षेत्रों तथा तीखे मोड़ों से होकर गुजरता है। यह मार्ग रणकपुर जैन मंदिर, जवाई बांध, चारभुजा नाथ आदि को जोड़ने वाला है।

Published on:
04 May 2026 03:29 pm