पाली

Pali : दिवाली पर अब अपने करते रहेंगे इंतजार, पाली की फैक्ट्री में लगी भीषण आग, बिहार के 2 युवकों की हुई मौत

Pali : पाली औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्टरी में आग लग गई। जिसमें रोजी-रोटी की तलाश में पाली आए गया जिले के निवासी नितिश कुमार और उपेन्द्र की आग से मृत्यु हो गई। वहीं तीन अन्य श्रमिक जोधपुर में उपचाराधीन हैं। अब दिवाली पर अब अपने करते रहेंगे लौटने का इंतजार।
2 min read
• •
Oct 19, 2026
pali factory massive fire broke out bihar two youths death
Pali Factory Fire : मृतक उपेन्द्र और नितिश कुमार। फोटो पत्रिका

Pali Factory Fire : पाली औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्टरी में रविवार देर रात लगी भीषण आग ने बिहार के दो युवा श्रमिकों की मौत हो गई। रोजी-रोटी की तलाश में पाली आए गया निवासी नितिश कुमार (22 वर्ष) और उपेन्द्र (25 वर्ष) की आग में जिंदा जलने से मौत हो गई। सोमवार दोपहर तलाश के दौरान दोनों के जले हुए शव मिले। दिवाली पर घर लौटने की उम्मीद लगाए बैठे परिजन के इंतजार पर इस हादसे ने दुखों का पहाड़ तोड़ दिया। वहीं, आग में झुलसे तीन अन्य श्रमिक जोधपुर में उपचाराधीन हैं। पुलिस के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्र के चतुर्थ चरण स्थित सारड़ा बायो पॉलिमर्स फैक्टरी के पहले फ्लोर पर शॉर्ट सर्किट से आग लगी।

चंद मिनटों में चार मंजिलों तक फैली आग

पुलिस के अनुसार, देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप ले लिया और चंद मिनटों में चार मंजिला इमारत में फैल गईं। हादसे के समय फैक्टरी में 17 श्रमिक मौजूद थे। आग फैलते ही अफरा-तफरी मच गई। 12 श्रमिक बाहर निकलने में कामयाब रहे, जबकि पांच भीतर फंस गए। इनमें से तीन श्रमिक झुलस गए, जिन्हें जोधपुर रैफर किया गया। दो श्रमिकों का पता नहीं चलने पर उनकी तलाश शुरू की गई।

दीवार तोड़कर बनाया रास्ता, रेस्क्यू में जुटी टीमें

घटना की सूचना मिलते ही औद्योगिक थानाधिकारी निरमा विश्नोई और सीओ सिटी मंगलेश चूंडावत पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। दमकल की गाड़ियां तुरंत बुलाई गईं, लेकिन फैक्ट्री के अंदर घुसने का रास्ता संकरा और धुआं अत्यधिक होने के कारण दमकलकर्मियों को प्रवेश करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में फैक्ट्री की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया और आग पर काबू पाने व मजदूरों को बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दमकल की गाड़ियां तड़के तक आग पर काबू पाने के प्रयास में जुटी रहीं।

मलबे के बीच मिले दोनों के शव

आग पर काबू पाने के बाद लापता श्रमिकों की तलाश की गई। सोमवार दोपहर दोनों के जले हुए शव मिलने पर उनकी पहचान नितिश कुमार पुत्र सोमदेव राजवंशी और उपेन्द्र पुत्र मुनरी राजवंशी के रूप में हुई। पुलिस ने दोनों शव बांगड़ चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाए और परिजन को सूचना दी।

पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए जांच

थानाधिकारी निरमा विश्नोई ने बताया कि परिजन के पाली पहुंचने के बाद दोनों शवों की पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए परीक्षण कराया जाएगा। फैक्टरी में आग लगने के समय 17 श्रमिक मौजूद थे। इनमें से 12 बाहर निकल गए, जबकि तीन श्रमिक झुलस गए।

Updated on:
19 Oct 2026 07:37 pm
Published on:
19 Oct 2026 07:32 pm