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Ground Report: पाली के 4 बांधों की बदलेगी तस्वीर: 7 करोड़ से रुकेगा पानी का रिसाव, जानें किन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा

पाली जिले में जल संरक्षण और पानी की बर्बादी रोकने के लिए जल संसाधन विभाग 702.69 लाख रुपए की लागत से 4 प्रमुख बांधों हेमावास, बाणियावास, तख्तगढ़ और सिंदूरू का जीर्णोद्धार करेगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांधों से पानी के रिसाव को रोकना, बांधों की पाल को मजबूत करना और पानी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है।
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पाली

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Arvind Rao

•

Oct 12, 2026

pali dam repair

पाली शहर के निकटवर्ती स्थित हेमावास बांध (पत्रिका फोटो)

Pali Dam Repair: पाली जिले में बांधों से बहकर व्यर्थ जाने वाले पानी और सीपेज से होने वाले जल नुकसान को रोकने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जिले के चार बांधों और उनसे जुड़ी नहरों का जीर्णोद्धार करवाया जाएगा। जल संसाधन विभाग की ओर से इन कार्यों पर 702.69 लाख रुपए यानी करीब 7.03 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। हेमावास, बाणियावास, तखतगढ़ और सिंदरू बांध पर होने वाले इन कार्यों का उद्देश्य पानी के रिसाव को कम करना, बांधों की मजबूती बढ़ाना और उपलब्ध जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है।

इन कार्यों के तहत कहीं कच्ची नहर को पक्का किया जाएगा, तो कहीं टो-ड्रेन बनाकर सीपेज की समस्या दूर की जाएगी। इसके अलावा बांधों की पाल को मजबूत करने और नहरों की मरम्मत पर भी जोर दिया जाएगा। इससे जल संरक्षण के साथ सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

पाल की चौड़ाई बढ़ेगी, बांधों को मिलेगी मजबूती

तखतगढ़ और सिंदरू बांध की पाल की चौड़ाई बढ़ाकर 3 से 4.5 मीटर की जाएगी। इसके साथ ही पाल पर पीचिंग का कार्य भी करवाया जाएगा, जिससे उसकी मजबूती बढ़ सके। बांधों से जुड़ी नहरों की मरम्मत भी प्रस्तावित है। इन कार्यों से जल संरचनाओं की स्थिति में सुधार होने के साथ पानी के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी।

हेमावास बांध की कच्ची नहर होगी पक्की

पाली शहर के पास स्थित हेमावास बांध की तीन किलोमीटर लंबी गुलाबपुरा माइनर फिलहाल कच्ची है। इसे पक्का किया जाएगा। इससे नहर से होने वाले पानी के रिसाव में कमी आएगी और सिंचाई के लिए अधिक पानी उपलब्ध हो सकेगा।

वहीं, बाणियावास बांध पर सीपेज की समस्या के समाधान के लिए तीन किलोमीटर लंबी टो-ड्रेन बनाई जाएगी। इसके अलावा ओवरफ्लो स्लूस गेट की मरम्मत और मिट्टी की पाल को दुरुस्त करने का कार्य भी किया जाएगा। इससे आसपास के गांवों में सीपेज के कारण पानी भरने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

टेंडर प्रक्रिया शुरू, जल संरक्षण पर जोर

हेमावास और बाणियावास बांध की मरम्मत तथा नहरों से जुड़े कार्यों के लिए जल संसाधन विभाग ने टेंडर आमंत्रित किए हैं। विभाग का लक्ष्य सीपेज से होने वाले जल नुकसान को कम करना और उपलब्ध पानी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है। शंकरलाल राठौड़, अधिशासी अभियंता, जल संसाधन विभाग, पाली के अनुसार, इन कार्यों से बांधों और नहरों की स्थिति बेहतर बनाने के साथ जल संरक्षण को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।