
Pali Mayor Election 2026: पाली नगर निगम में सोमवार को महापौर पद के चुनाव में भाजपा की नमिता बुबकिया ने जीत दर्ज कर ली। उन्हें 33 वोट मिले, जबकि कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरीं राजबाला हिंगड़ को 29 वोट मिले। कांग्रेस प्रत्याशी सुमित्रा जैन को 3 वोट प्राप्त हुए। इस जीत के साथ पाली नगर निगम में भाजपा का बोर्ड बन गया।
महापौर पद के लिए इस बार पाली में त्रिकोणीय मुकाबला था। भाजपा की नमिता बुबकिया, कांग्रेस की सुमित्रा जैन और कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय मैदान में उतरीं राजबाला हिंगड़ के बीच मुकाबला हुआ। राजबाला के निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरने से चुनाव काफी रोचक हो गया था।
मतदान के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी राजबाला हिंगड़ अपने समर्थक पार्षदों के साथ नगर निगम पहुंचीं। वहीं कांग्रेस की सुमित्रा जैन और भाजपा की नमिता बुबकिया अकेले ही मतदान स्थल पर पहुंचीं। मतदान के दौरान दो निर्दलीय प्रत्याशी हिडन कैमरा लेकर निगम परिसर में पहुंच गए। पुलिस ने प्रवेश द्वार पर ही उन्हें रोक दिया।
पाली नगर निगम में महापौर पद के लिए सभी 65 निर्वाचित पार्षदों ने मतदान किया। मतगणना के बाद भाजपा प्रत्याशी नमिता बुबकिया को 33 वोट मिलने पर उन्हें विजेता घोषित किया गया।
पाली जिले की सोजत रोड नगर पालिका में भी भाजपा ने चेयरमैन पद पर जीत दर्ज की। भाजपा प्रत्याशी भावना ढजा ने कांग्रेस प्रत्याशी देवेन्द्र पंवार को हराकर चेयरमैन पद हासिल किया। चुनाव में कुल 25 पार्षदों ने मतदान किया।
भावना ढजा को 18 वोट मिले। इनमें भाजपा के 14 पार्षदों के अलावा 4 निर्दलीय पार्षदों ने भी उनके पक्ष में मतदान किया। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी देवेन्द्र पंवार को 7 वोट मिले। इस तरह भावना ढजा 18 मत हासिल कर सोजत रोड नगर पालिका की चेयरमैन निर्वाचित हुईं। इसके साथ ही सोजत रोड नगर पालिका में भी भाजपा का बोर्ड बन गया।
महापौर की कुर्सी के लिए भाजपा की नमिता बुबकिया, कांग्रेस की सुमित्रा जैन और कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतरीं राजबाला हिंगड़ के बीच त्रिकोणीय मुकाबला था। नगर निगम के 65 पार्षदों ने मतदान कर नए महापौर का चुनाव किया। मतदान से पहले तीनों प्रत्याशियों ने पार्षदों का समर्थन जुटाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। सोमवार सुबह भाजपा प्रत्याशी नमिता बुबकिया और कांग्रेस प्रत्याशी सुमित्रा जैन अकेले नगर निगम पहुंची थीं। वहीं निर्दलीय प्रत्याशी राजबाला हिंगड़ पार्षदों के साथ नगर निगम पहुंची थीं।
सुमित्रा जैन के समर्थन में कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों का एक समूह नगर निगम पहुंचा था। सुबह करीब 9:30 बजे कांग्रेस के 27 पार्षद एक साथ नगर निगम पहुंचे थे। इसके बाद करीब 9:47 बजे निर्दलीय पार्षद मरियम पिंटू हिंगड़ के साथ पहुंची थीं। वहीं अन्य निर्दलीय पार्षद भी प्रदीप हिंगड़ के साथ नगर निगम पहुंचे थे।
महापौर चुनाव के लिए मतदान के दौरान नगर निगम में प्रवेश कर रहे दो निर्दलीय पार्षदों के पास हिडन कैमरे मिले थे। पुलिस ने तलाशी के दौरान दोनों पार्षदों के पास से हिडन कैमरे जब्त किए थे। कैमरे मिलने के बाद मतदान स्थल पर हलचल बढ़ गई थी।
महापौर चुनाव में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम मानी जा रही थी। तीन प्रत्याशियों के मैदान में होने के कारण मुकाबला त्रिकोणीय हो गया था। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने पक्ष में अधिक से अधिक पार्षदों का समर्थन जुटाने में लगी थीं।
मतदान के बाद कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों की हलचल तेज हो गई थी। राकेश भाटी के साथ कांग्रेस और निर्दलीय मिलाकर कुल 26 पार्षद मतदान करने के बाद बाहर निकले थे। मतदान के बाद सभी 26 पार्षद एक साथ प्रदीप हिंगड़ के घर की तरफ रवाना हो गए थे। वहीं कांग्रेस पार्षद अनामिका अकेले ही मतदान स्थल से बाहर निकली थीं और अलग दिशा में रवाना हुई थीं।
पार्षदों के एक साथ प्रदीप हिंगड़ के घर जाने से चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल और बढ़ गई थी। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतगणना हुई और परिणाम के साथ ही पाली को नया महापौर मिला था। महापौर चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा निर्दलीय पार्षदों के रुख को लेकर थी। भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबले के साथ निर्दलीय प्रत्याशी राजबाला हिंगड़ की मौजूदगी ने चुनाव को त्रिकोणीय बना दिया था। ऐसे में सभी की नजरें 65 पार्षदों के मतदान और मतगणना के परिणाम पर टिकी थीं।