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पाली से जयपुर का किराया 700 रुपए, यात्रियों से वसूल रहे 2100 रुपए; निजी बसों की मनमानी

पाली में निजी बस संचालक त्योहारी सीजन का फायदा उठाकर यात्रियों से तय किराए से तीन गुना अधिक (2100 रुपये) मनमाना किराया वसूल रहे हैं। परिवहन विभाग की अनदेखी के चलते यात्रियों की मजबूरी का खुलकर फायदा उठाया जा रहा है।
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पाली

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Arvind Rao

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Updated: 7 Nov 2026, 4:19 PM IST

pali to jaipur bus fare

पाली से जयपुर का किराया 700 और यात्रियों से वसूल रहे 2100 रुपए (फोटो-एआई)

पाली: यह स्थिति है पाली के निजी बसों के बुकिंग एजेंटों की। पत्रिका रिपोर्टर ने इन एजेंटों से बातचीत की तो जयपुर रूट पर यात्रियों से त्योहारी सीजन का फायदा उठाकर सामान्य किराए से तीन गुना से अधिक किराया वसूलने का खुलासा हुआ। जयपुर, अहमदाबाद, यूपी और दिल्ली मार्ग की बसों में यात्रियों से ट्रैवल्स एजेंट मनमाना किराया वसूल रहे हैं। परिवहन विभाग की अनदेखी के चलते ये एजेंट बेखौफ होकर यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। त्योहारी सीजन में घर जाने के लिए यात्रियों को महंगा किराया देना पड़ रहा है। वहीं, त्योहार के बाद वापस लौटने के दौरान भी निजी बस संचालकों की मनमानी का सामना करना पड़ेगा।

रोडवेज की बसें फुल

पाली से जयपुर, अहमदाबाद, दिल्ली और उदयपुर रूट पर चलने वाली रोडवेज बसें अगले तीन दिन के लिए फुल हैं। जयपुर रूट पर हर दस मिनट में बस यात्रियों से भरकर रवाना हो रही है। इस मार्ग पर 22 बसें चल रही हैं। दिवाली पर डिपो की ओर से चार अतिरिक्त बसें भी चलाई गई हैं, लेकिन वे भी फुल हैं। इनमें चार एसी बसें भी शामिल हैं, जो पूरी तरह बुक हैं। अहमदाबाद के लिए चलने वाली एक रोडवेज बस भी फुल है। दिल्ली रूट की बस में भी सीटें उपलब्ध नहीं हैं। उदयपुर मार्ग पर चलने वाली चारों बसें भी लगभग फुल हैं।

बसों में लगेज की ढुलाई, नियमों की अनदेखी

निजी बसों में इन दिनों त्योहारी सामान की भी जमकर ढुलाई की जा रही है। परिवहन नियमों के अनुसार, ऑल इंडिया बसों या टैक्सी कारों की छत पर कैरियर लगाकर सामान ढोने पर पाबंदी है।

इसके बावजूद परिवहन विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते बसों की छतों पर सामान लोड किया जा रहा है। इतना ही नहीं, बसों के अंदर भी व्यावसायिक सामान की ढुलाई की जा रही है।

निजी बसों के हादसों में जा चुकी हैं जानें

  • अक्टूबर 2025: पाली-जोधपुर मार्ग पर रोहट क्षेत्र में हुई बस दुर्घटना में दो बच्चियों की मौत हो गई और 27 यात्री घायल हुए।
  • सितंबर 2025: पाली-सिरोही फोरलेन पर बीकानेर से सूरत जा रही निजी ट्रैवल्स बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई और 25 घायल हुए।
  • सितंबर 2026: पाली-सांडेराव मार्ग पर खेतलाजी से जालोर जा रही निजी बस सांडेराव से सवारियां लेकर आगे बढ़ी और अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में छह यात्री गंभीर रूप से घायल हुए।

यात्रियों की मजबूरी, मनमाना किराया

निजी बसों में यात्रियों से मनमाना किराया वसूला जा रहा है। बसों में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया जा रहा है। जयपुर जाने वाले ललित भारद्वाज ने बताया कि त्योहार पर घर जाने की मजबूरी के चलते 2100 रुपए देकर सफर करना पड़ रहा है।

रिपोर्टर और ट्रैवल्स एजेंट की बातचीत

रिपोर्टर: जयपुर के लिए धनतेरस के दिन की दो एसी स्लीपर सीट बुक करनी हैं?

ट्रैवल्स एजेंट: मिल जाएगी। रात साढ़े आठ बजे की बस में तीसरे नंबर की स्लीपर सीट मिल जाएगी।

रिपोर्टर: किराया कितना है?

ट्रैवल्स एजेंट: किराया 2100 रुपए लगेगा, एक सवारी का।

रिपोर्टर: लेकिन किराया तो 600-700 रुपए है?

ट्रैवल्स एजेंट: हां, लेकिन धनतेरस और दिवाली का त्योहार है। इसलिए किराया अधिक है।

रिपोर्टर: लेकिन यह तो तीन गुना है। इतना अधिक?

ट्रैवल्स एजेंट: नॉन एसी सीट में चले जाओ, 2000 रुपए लगेगा एक सवारी का।

रिपोर्टर: और अहमदाबाद के लिए?

ट्रैवल्स एजेंट: आपको जयपुर जाना है या अहमदाबाद?

रिपोर्टर: मुझे तो जयपुर जाना है, लेकिन मेरे एक दूसरे साथी को अहमदाबाद जाना है। कितना किराया लगेगा?

ट्रैवल्स एजेंट: इस रूट पर 1100 रुपए लगेगा।

रिपोर्टर: इस रूट पर किराया कम क्यों, जयपुर पर ज्यादा क्यों, जबकि दोनों जगहों की दूरी लगभग बराबर है?

ट्रैवल्स एजेंट: त्योहारी सीजन में किराया रूट के हिसाब से लगता है। जयपुर के रूट पर सवारी ज्यादा हैं, इसलिए किराया भी ज्यादा लगेगा। ये लो मेरा कार्ड। इस नंबर पर फोन करके बुक करवा देना। सीट के पैसे भी फोन-पे कर देना। शाम तक बता दोगे तो इसी किराए में बुक कर दूंगा। इसके बाद किराया और बढ़ सकता है।