
रोहट (पाली)। नासिक से ननिहाल आ रहे 14 वर्षीय किशोर की स्लीपर बस की सीट पर ही सोते हुए मौत हो गई। किशोर ने नानी को आखिरी बार फोन कर कहा था कि 'मैं पहुंचने वाला हूं, मामा को खारड़ा बस स्टैंड भेज देना', लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। वह ननिहाल तो पहुंचा पर सांसें थमने के बाद। जिले के गुड़ा ठाकुरजी (खिंवाड़ा) निवासी 14 वर्षीय रणजीत सिंह उर्फ राजूसिंह पांच दिन पहले नासिक अपने मामा के पास गया था।
मंगलवार दोपहर वह निजी स्लीपर बस से ननिहाल बागड़िया गांव के लिए रवाना हुआ। देर रात खाना खाने के बाद उसने कंडक्टर को खारड़ा में उतारने को कहा और अपनी स्लीपर सीट पर सोने चला गया। बुधवार सुबह पाली के पास गाजनगढ़ टोल पर जब कंडक्टर ने उसे जगाने की कोशिश की, तो वह अचेत था। शरीर में कोई हरकत न देख चालक-कंडक्टर घबरा गए और सीधे बस को रोहट थाने ले गए। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
रणजीत सिंह छुट्टियां में पांच दिन पहले अपने दूसरे मामा सुरेश सिंह के पास नासिक गया था। सुरेश सिंह नासिक में दुकान चलाते है। रणजीत मंगलवार को वहां से अपने ननिहाल बागड़िया गांव के लिए रवाना हुआ था।
उधर, खारड़ा बस स्टैंड पर मामा भैरूसिंह अपने भांजे के आने का इंतजार कर रहे थे। बस आने पर जब कंडक्टर ने दुखद खबर दी तो मामा के पैरों तले जमीन खिसक गई। कुछ ही देर में यह खबर घर पहुंची तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
पुलिस ने पिता शैतान सिंह की रिपोर्ट पर मर्ग दर्ज कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। चिकित्सकों ने प्रथम दृष्टया मौत का कारण 'साइलेंट हार्ट अटैक' माना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिसरा जांच के लिए सुरक्षित रखवाया है। एक होनहार किशोर की सोते हुए हुई इस असामयिक मौत ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया।
बता दें कि 23 मई को बूंदी जिले के दुगारी कस्बे में एक 17 वर्षीय किशोर बाथरूम में नहाते समय अचेत अवस्था में मिला था। परिजन उसे तुरंत सीएचसी बांसी लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया था। परिवारजन उसे बेहतर उपचार के लिए बूंदी ले जा रहे थे, लेकिन रानीपुरा के पास से वापस घर लौटकर अंतिम संस्कार कर दिया था। ग्रामीणों के अनुसार किशोर की मौत साइलेंट अटैक से होना बताया था।