पाली जिले के फालना गांव में एक निजी बस ने सड़क क्रॉस कर रहे 10 साल के मासूम को चपेट में ले लिया। हादसे में घायल मासूम सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन चालक यात्रियों से भरी बस छोड़कर फरार हो गया।
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क/फालना . पाली जिले के फालना गांव में एक निजी बस ने सड़क क्रॉस कर रहे 10 साल के मासूम को चपेट में ले लिया। हादसे में घायल मासूम सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन चालक यात्रियों से भरी बस छोड़कर फरार हो गया। गंभीर हालत में मासूम को पालनपुर रैफर किया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले उसकी मौत हो गई। घटना के विरोध में ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने रास्ते में लकड़ियां व पत्थर रखकर रास्ता रोक दिया और प्रदर्शन किया। वे मुआवजा देने की मांग करने लगे। शाम को थाने में ग्रामीणों, पुलिस व बस मालिक के बीच वार्ता हुई, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। देर रात तक धरना जारी था।
फालना थानाधिकारी सूरजाराम जाखड़ ने बताया कि बुधवार को फालना गांव में 10 साल का दिव्यांश पुत्र सोहनलाल हिरागर जनरल शॉप से घरेलू सामान लेकर सड़क क्रॉस कर घर जा रहा था।
इस दौरान तेज गति से आ रही एक निजी बस के चालक ने उसे चपेट में ले लिया। मासूम बस के अगले चक्के के नीचे फंस गया। चालक ने ब्रेक लगाए, लेकिन करीब 40 फीट तक मासूम सड़क पर घसीटता रहा। इससे दिव्यांश गंभीर रूप से घायल हो गया। बालक सड़क पर तड़पने लगा। चालक उसे हॉस्पिटल ले जाने की बजाय यात्रियों से भरी बस को छोड़कर फरार हो गया। गंभीर घायल मासूम को सुमेरपुर से प्राथमिक उपचार के बाद पालनपुर रैफर किया गया। लेकिन पालनपुर पहुंचने से पहले उसकी मौत हो गई।
रास्ते पर लकड़ियां व पत्थर रखकर प्रदर्शन
घटना से गुस्साएं ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने बस को खड़ी करवा दिया और रास्ते में लकड़ियां व पत्थर रखकर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि फालना गांव से तेज गति से निजी बसें गुजरती है। जिससे पूर्व में भी कई हादसे हो चुके है। सूचना पर थानाधिकारी सूरजाराम व बाली सीओ अचलसिंह देवड़ा भी मौके पर पहुंचे। शाम करीब सात बजे प्रदर्शनकारियों का प्रतिनिधि मंडल थाने पहुंचा। पुलिस व बस मालिक से वार्ता की, लेकिन वार्ता विफल रही। इस दौरान सरपंच फालना गांव करण सिंह राजपुरोहित, भूराराम डांगी, चम्पालाल सांखला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। इधर, रास्ता जाम होने पर पुलिस ने रूट डायवर्ट कर वाहनों को दूसरे रास्ते से निकाला।