24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rajasthan: एक साथ पूरे परिवार की उठी अर्थी… पुलिस ने बेटी के हाथ में दिए मां के गहने, घर उजड़ने के बाद बेटी का रो-रोकर बुरा हाल

Pali Family Suicide: बताया जा रहा है कि नरपत बीमारी के चलते घर पर ही रहता था। पिता की दो साल पहले हार्ट अटैक से मौत हो चुकी थी, जिसके बाद परिवार पर जिम्मेदारियों का बोझ और बढ़ गया। मां भी बीमार रहती थीं, जबकि छोटा भाई रघुवीर एक मोबाइल शॉप पर काम करता था।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

पाली

•

image

Kamal Mishra

•

Updated: 10 Apr 2026, 5:15 PM IST

Pali Family Suicide

एक साथ तीनों का हुआ अंतिम संस्कार (फोटो-पत्रिका)

पाली। शहर में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया। शुक्रवार दोपहर जब पोस्टमार्टम के बाद मां और दोनों बेटों के शव परिजनों को सौंपे गए, तो माहौल बेहद भावुक हो उठा। शवों से बदबू आ रही थी, जिसकी वजह से बांगड़ अस्पताल से तीनों शवों को सीधे श्मशान घाट ले जाया गया। एक साथ तीन अर्थियां देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।

शवों की हालत खराब होने के कारण अंतिम संस्कार जल्दबाजी में करना पड़ा। परिवार के लोग चाहते थे कि तीनों का इलेक्ट्रिक दाह संस्कार हो, लेकिन तकनीकी कारणों से ऐसा संभव नहीं हो सका। ऐसे में 65 वर्षीय शांतिदेवी और उनके 26 वर्षीय बेटे रघुवीर का इलेक्ट्रिक दाह संस्कार किया गया, जबकि बड़े बेटे नरपत का पारंपरिक अग्नि संस्कार किया गया। इस दौरान रिश्तेदारों और समाज के लोगों की भारी भीड़ मौजूद रही, लेकिन हर चेहरे पर सन्नाटा और दर्द साफ झलक रहा था।

'भगवान, मेरे परिवार के साथ ऐसा क्यों हुआ?'

सबसे दर्दनाक पल तब आया, जब पुलिस ने शांतिदेवी के गहने उनकी बेटी चेतना को सौंपे। जैसे ही चेतना ने मां के गहने अपने हाथ में लिए, वह खुद को संभाल नहीं सकी और फूट-फूटकर रो पड़ी। बार-बार वह एक ही सवाल करती रही- 'भगवान, मेरे परिवार के साथ ऐसा क्यों हुआ? अब मैं कैसे जी पाऊंगी?' चेतना की गंभीर हालत देखकर परिजन और रिश्तेदारों उसे संभालते रहे।

मानसिक तनाव से जूझ रहा था परिवार

दरअसल, 9 अप्रैल की शाम पाली के औद्योगिक नगर थाना क्षेत्र में स्थित एक मकान से शांतिदेवी और उनके दोनों बेटों के शव बरामद हुए थे। घर में बदबू फैलने पर आसपास के लोगों को शक हुआ, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस को घटनास्थल से जहर की बोतल और एक सुसाइड नोट मिला। शुरुआती जांच में सामने आया कि परिवार लंबे समय से बीमारी और मानसिक तनाव से जूझ रहा था।

पिता की हार्ट अटैक से हुई थी मौत

बताया जा रहा है कि नरपत पहले एक ऑयल कंपनी में काम करता था, लेकिन बीमारी के चलते करीब आठ महीने से घर पर ही था। पिता की दो साल पहले हार्ट अटैक से मौत हो चुकी थी, जिसके बाद परिवार पर जिम्मेदारियों का बोझ और बढ़ गया। मां भी बीमार रहती थीं, जबकि छोटा भाई रघुवीर एक मोबाइल शॉप पर काम करता था।

एक साथ तीन जिंदगियां खत्म

लगातार परेशानियों और अकेलेपन ने इस परिवार को अंदर से तोड़ दिया। अब एक साथ तीन जिंदगियों के खत्म हो जाने के बाद घर पूरी तरह उजड़ चुका है। अब घर में रहने के लिए कोई नहीं है। परिवार के सभी सदस्यों के खत्म हो जाने से बेटी चेतना सदमे में है।