
रायपुर मारवाड़। ड्राइ डे को सेंदड़ा के चांग गांव में शराब ठेके पर शराब बिकने के मामले में आबकारी अधिकारियों की मिली भगत व ठेकेदार को बचाने की जुगत सामने आ गई है। जिस वीडियो में गांधी जयंती पर दिन में खुलेआम शराब बिकना दिख रहा है, उसी वीडियो को दो-दो जांच अधिकारी ताक पर रखते हुए ठेका बंद बता रहे है।
चौकाने वाली बात यह है कि जिस जांच रिपोर्ट पर अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोधपुर राजेश चौहान ने सवाल उठाते हुए दुबारा जांच के आदेश दिए। इसमें दुबारा जांच करने वाले जांच अधिकारी व सोजत आबकारी निरीक्षक मुरलीधर सौदा ने पहली जांच को ही सही बता दिया। साथ ही जिला आबकारी अधिकारी गेमराराम सुथार ने भी इस जांच रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए मुख्यालय भेज दी। इस जांच पर भी अतिरिक्त आबकारी आयुक्त चौहान ने संदेह जताया है। अब उन्होंने जोधपुर में कमेटी गठित कर वहां के अधिकारियों से इसकी जांच करने के आदेश दिए हैं।
डीइओ से निरीक्षक तक बचाने में लगे
राजस्थान पत्रिका ने तीन अक्टूबर को स्टिंग समाचार प्रकाशित कर चांग गांव में सरकारी शराब के ठेके से ड्राइ डे पर शराब बिक्री होने का मामला उजागर किया था। जैतारण आबकारी निरीक्षक गुर्जर ने इसकी झूठी मौका रिपोर्ट तैयार कर शराब ठेके को बंद बता दिया और शराब बेचने वाले रोशन काठात को ही गवाह बना दिया। मामला जब अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोधपुर राजेश चौहान के पास पहुंचा तो उन्होंने पत्रिका के वीडियो के आधार पर दुबारा जांच करवाई। इसमें पुरानी जांच रिपोर्ट झूठी निकली। चौहान के निर्देश पर चांग शराब ठेके के लाइसेंसी सुमन चंद्र्रवट पत्नी देवेन्द्र सिंह के खिलाफ लाइसेंस पत्र की शर्तों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया। मु यालय ने डीइओ से इस बारे में दुबारा जांच करने के निर्देश देते हुए जांच रिपोर्ट मांगी। इस पर सोजत आबकारी निरीक्षक ने यह दुबारा जांच की। इसमें भी खुले ठेके को बंद दिया।
जांच में दोषी सभी अधिकारियों पर कार्रवाई
पहले मामले को दबाने का प्रयास किया, फिर मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी की। जब दूसरे सर्कल के अधिकारी को जांच देकर निष्पक्ष रिपोर्ट मांगी तो उन्होंने भी गोलमाल रिपोर्ट दी है। इस रिपोर्ट से साफ जाहिर होता है कि वास्तविकता को छुपाया गया है। ऐसे में पाली के अधिकारियों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। ऐसी स्थिति में जोधपुर में जांच कमेटी गठित की है। इसमें निरीक्षक व अन्य अधिकारी इसकी जांच करेंगे। इसमें मामले में किसी भी अधिकारी की मिली भगत सामने आई तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। -राजेश चौहान, अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, जोधपुर