Pali Wedding: फेरे पूरे होते ही ममता ने अपने परिजनों और दूल्हे समेत ससुराल पक्ष के सामने एम.ए. राजनीति विज्ञान तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा देने की इच्छा जताई, जिसे सभी ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।
Bride Gave College Exam After Wedding: राजकीय महाविद्यालय जैतारण में एक अनोखा उदाहरण देखने को मिला, जहां एक परीक्षार्थी दुल्हन विवाह के फेरे लेने के तुरंत बाद परीक्षा देने पहुंची। महाविद्यालय के प्राचार्य राकेश वर्मा ने बताया कि निमाज निवासी ममता कुमावत, धर्माराम कुमावत की पुत्री का विवाह मंगलवार सुबह सवा ग्यारह बजे सम्पन्न हुआ।
फेरे पूरे होते ही ममता ने अपने परिजनों और दूल्हे समेत ससुराल पक्ष के सामने एम.ए. राजनीति विज्ञान तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा देने की इच्छा जताई, जिसे सभी ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। इसके बाद ममता सीधे मंडप से राजकीय महाविद्यालय जैतारण पहुंचीं और परीक्षा में सम्मिलित हुईं। महाविद्यालय के प्राचार्य ने उनका स्वागत किया। ममता के इस फैसले की कॉलेज स्टाफ और विद्यार्थियों ने भी सराहना की। परीक्षा केंद्र पर दुल्हन के जोड़े में पहुंची ममता को देखकर सभी हैरान रह गए। ममता ने बताया कि परीक्षा समाप्त होने के बाद ही उनकी विदाई की रस्में सम्पन्न की जाएंगी। इस दौरान परिजनों ने भी उनका हौसला बढ़ाया और समय पर परीक्षा दिलाने में सहयोग किया, जिससे वे बिना किसी बाधा के अपने भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकीं।
वहीं पाली के पूनकखुर्द में एक शादी समारोह के दौरान दूल्हे और उसके परिवार ने दहेज प्रथा के खिलाफ सराहनीय पहल करते हुए सकारात्मक संदेश दिया। समारोह में दूल्हे को दहेज के रूप में मिले 2.51 लाख रुपए को वर पक्ष ने तुरंत ही लौटा दिया। गांव में देवड़ा स्वरूप सिंह, पुत्र स्वर्गीय मलसिंह की पुत्री के विवाह के अवसर पर यह पहल की गई, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
वर पक्ष की ओर से दूल्हे के पिता गुमान सिंह धवेचा, निवासी कोरी ने भरी सभा में वधु पक्ष द्वारा दी गई यह राशि सम्मानपूर्वक दुल्हन के पिता को वापस सौंपी। इस दौरान उन्होंने कहा कि बेटियां अनमोल होती हैं, उनका कोई मोल नहीं हो सकता। जो व्यक्ति अपनी लक्ष्मी समान बेटी हमें सौंप रहा है, उससे किसी प्रकार की आर्थिक अपेक्षा रखना उचित नहीं है। उनके इस कदम से समारोह में मौजूद लोगों के बीच दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूकता का संदेश भी गया।