पन्ना

MP के कई गांवों में आदमखोर तेंदुए का आतंक, एक वृद्ध का नोच लिया पूरा मुंह, 18 घायल

बाघ ने ग्रामीण को बनाया शिकार तो तेंदुए ने सो रहे ग्रामीणों पर बोला धावा
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May 25, 2018
18 people injured in leopard attack in 8 villages of Panna
18 people injured in leopard attack in 8 villages of Panna

पन्ना। जिले में गुरुवार को बाघ और तेंदुए की दहशत रही। बाघ ने तेंदूपत्ता तोडऩे गए ग्रामीण को शिकार बना लिया तो तेंदुए ने गुरुवार तड़के चार बजे मोहंद्रा-सिहारन के जंगल से निकलकर गांव में धावा बोल दिया। तेंदुए ने रैपुरा रेंज के ग्राम सुर्रा, मुरता, कलुआखेड़ा, पाला, सिन्हाई व झालाडुमरी गांवों में उस समय धावा बोला जब लोग सोए हुए थे।

इस दौरान एक से दूसरे गांव होते हुए करीब डेढ़ दर्जन लोगों को घायल किया। घायलों को सरकारी और निजी वाहनों से रैपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। वहां से गंभीर हालत में दो लोगों को कटनी रेफर कर दिया गया है। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। गांव के लोग डरे और सहमे हुए हैं।

ये है मामला
भीषण गर्मी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग रात को घरों के बाहर ही सोते हैं। बुधवार की रात को भी लोग अन्य दिनों की तरह अपने-अपने घरों के बाहर सोए हुए थे। भोर में करीब ४ बजे एक तेंदुआ मोहंद्रा सिहारन के घने जंगलों से निकलकर गांव तक पहुंच गया। सुबह तेंदुए ने गांवों में घरों के बाहर से रहे लोगों पर एक-एक कर हमला किया। जो भी उसके रास्ते में आया उसे पंजे मारता हुआ, वह आगे बढ़ गया।

ग्राम सुर्रा, मुरता में कोहराम

वह जहां से भी निकल रहा था कोहराम मचा रहा था। दो घंटे तक वह रैपुरा क्षेत्र के ग्राम सुर्रा, मुरता, कलुआखेड़ा, पाला, सिन्हाई व झालाडुमरी में लोगों को घायल करता हुआ समीप के जंगल में छिप गया। वनकर्मी मप्र. रेंजर एसोसिएशन एवं मप्र.वन कर्मचारी संघ के संयुक्त आह्वान पर 19 सूत्री मांगों पर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर रहे।

डेढ़ दर्जन घायल
तेंदुए के हमले से क्षेत्र के करीब डेढ़ दर्जन लोग घायल हुए हैं। घायलों में से कुछ लोगों को विभाग द्वारा रैपुरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया गया तो अधिकांश लोग अपने-अपने साधनों से अस्पताल पहुंचते रहे। जिन लोगों को सुबह लाया गया वे ज्यादा घायल थे। एक वृद्धा का तो पूरा मुंह ही नोंच लिया था। उसके चेहरे का मांस लटक रहा था। उसकी हालत देखकर तो कोई भी डर जाता। मामले की जानकारी लगने के बाद रेंजर देवेश गौतम और तहसीलदार एमपी उदैनिया भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना।

एक-एक हजार रुपए की दी सहायता राशि
साथ ही घायलों को समुचित सहायता दिलाने का आश्वासन भी दिया। रेंजर गौतम ने बताया कि घायलों को तत्काल सहायता के रूप में 1-1 हजार की राशि दी गई है और उन्हें उपचार के लिये भेजा गया है। ग्रामीणों ने बताया कि जहां-जहां से तेंदुआ आया है वह क्षेत्र सघन वन वाला है। वहां कुछ दिनों पूर्व बाघ भी देखा गया था। इससे पहले एक तेंदुआ यहीं से निकला था। उसकी कुएं के पानी में डूबने से मौत हो गई थी। क्षेत्र में सघन वन होने के कारण यहां बाघ भी पाए जाते हैं और तेंदुओं की संख्या अधिक है।

हमले में ये हुए घायल
हमले में ग्राम मुरता निवासी बड़ी बहू पति सुकलाल (75) गंभीर रूप से घायल है। तेंदुए ने उसका मुंह ही नोंच लिया है। इसके अलावा अन्य घायलों में फूल बाई पति विश्वनाथ (40) ग्राम मुरता, हेमवती पति विरजन (25), सुंदर सिंह पिता पहाड़ी (55), होते सिंह पिता गंवरे (40) ग्राम मुरता, रीना बाई पिता जवाहर (10) कलला पिता उदल (12), वीरेंद्र सिंह पिता रतन सिंह (70), किशोरी पिता दुलारे (50), रामसेवक पिता अक्कू (65) ग्राम अलोनी, अंगूरी बाई पति छोटेलाल (22) ग्राम झाला डुमरी, पन्नालाल पिता मनवा चौधरी (20) ग्राम विरमपुरा, अशोक रानी पति हमसे (40) ग्राम वीरमपुरा, रमेश पिता राधेश्याम (48), रज्जू पिता भालू (50), जग्गू पिता बराती (14) घायल हो गए हैं।

Published on:
25 May 2018 12:44 pm