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व्यापारियों की मिलीभगत से अन्नदाता परेशान, तौल से अधिक अनाज देने के बाद भी नहीं मिल रही रसीद

व्यवस्थाओं में नहीं हो रहा सुधार, सड़कों के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगीं, किसानों को हर जगह करना पड़ रहा परेशानियों का सामना
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पन्ना

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Suresh Mishra

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Updated: 22 May 2018, 12:31 PM IST

krishi upaj mandi panna news in hindi

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पन्ना। जिले में इन दिनों जहां एक ओर समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का काम चल रहा है वहीं दूसरी ओर मंडियों में भावांतर योजना के तहत चना, मसूर आदि फसलों की खरीदी चल रही है। मंडी प्रबंधकों और व्यापारियों की मिलीभगत के कारण किसानों को हर जगह परेशान होना पड़ रहा है। कई स्थानों पर तो इतना अनाज पहुंच गया कि वाहनों को मंडियों में खड़ा करने के लिए स्थान भी नहीं मिल पा रहा है। कई जगह दो-तीन दिन तक अनाज की तौल नहीं हो पा रही है।

कलेक्ट व अन्य अधिकारियों के हर दौरे में गड़बड़ी सामने आ रही है, इसके बाद भी किसी प्रकार का सुधार नहीं हो रहा है। खरीदी केंद्र में किसानों को इतना परेशान किया जा रहा है कि वे मजबूर होकर व्यापारियों के ठिकानों पर कम दाम में अपनी उपज बेच रहे हैं। खरीदी केंद्रों में हालात बद से बदतर बने हैं। पिछले दिन गुनौर खरीदी केंद्र के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गड़बड़ी पकड़ी थी। यहां किसानों से करीब 800 ग्राम अधिक अनाज तौला जा रहा था। इस पर कलेक्टर ने मंडी प्रबंधन से जुड़े लोगों को फटकार लगाई थी।

पन्ना मंडी के हाल
सोमवार सुबह पन्ना कृषि उपज मंडी परिसर अजयगढ़ चौक में हालात यह थी कि यहां वाहनों को खड़ा करने के लिए जगह नहीं बची थी। सुबह 11 बजे से पहले ही मंडी परिसर में दर्जनों की संख्या में वाहन खड़े हो गए थे। साढ़े 11 बजे तक हालत यह थी कि मंडी परिसर में वाहनों को खड़ा करने के लिए जगह नहीं बची थी। इसको देखते हुए प्रबंधन द्वारा मंडी के प्रवेश द्वार पर मिनी ट्रक खड़ा कर दिया गया था। जिससे और अधिक वाहन मंडी के अंदर प्रवेश नहीं कर सकें। देखते ही देखते करीब आधा दर्जन वाहनों की लाइन लग चुकी थी।

अमानगंज मंडी की हालत और खराब
अमानगंज मंडी में तो किसानों की हालत और भी खराब है। यहां करीब आधा किमी तक सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लगी थी। किसानों को अनाज बेचने कई दिनों तक इसी तरह से वाहनों की लाइन लगाकर खड़ा रहना पड़ रहा है। किसानों ने बिचौलियों के भी सक्रिय होने के आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि खरीदी से जुड़े लोगों द्वारा बिचौलियों के माध्यम से व्यापारियों को अनाज बेचने के सुझाव दिए जाते हैं। जिससे उन्हें भी व्यापारियों से कमीशन मिल जाता है।

गड़बड़ी तो मिल रही पर कार्रवाई नहीं
कलेक्टर-एसडीएम और तहसीलदार के निरीक्षण में हर जगह गड़बड़ी मिल रही है। इस पर अधिकारियों द्वारा जिम्मेदारों को हिदायत तो दी जाती है, लेकिन कार्रवाई नहीं की जाती है। अधिकारियों के दौरा करके जाने के बाद फिर उसी तरह की स्थिति बन जाती है।

अनाज तौल के बाद नहीं दी जा रही थी रसीद
विवेक पोरवाल प्रबंध संचालक मप्र. राज्य औद्योगिक विकास निगम भोपाल ने शनिवार को देवेन्द्रनगर, गुन्नौर, अमानगंज और सिमरिया मंडियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अमानगंज और सिमरिया मंडी में तुलाई के बाद किसानों को रसीद नहीं दिए जाने की बात सामने आई। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने तत्काल रसीद दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीदी केन्द्र में इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटों की संख्या बढ़ाई जाए। आवश्यकतानुसार पल्लेदारों की संख्या भी बढ़ाई जाए। उन्होंने समुचित परिवहन के लिए ट्रकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।

तौल पर लिया जा रहा था 880 ग्राम अधिक अनाज
कलेक्टर ने 5 मई को कृषि उपज मंडी गुनौर का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि किसानों से हर तौल पर 880 ग्राम अधिक अनाज लिया जा रहा है। परीक्षण के लिए उन्होंने पांच बोरियों को तुलवाया तो सभी में 880 ग्राम अधिक अनाज मिला। इस पर उन्होंने संबंधितों को फटकार भी लगाई। इससे बड़ी बात यह थी कि किसानों का अनाज बिना सेंपल रखे ही रिजेक्ट किया जा रहा था। अनाज को रिजेक्ट करने के लिए बनाई गई कमेटी को भी इसकी जानकारी नहीं दी जा रही थी। इसका फायदा सीधा अनाज कारोबार से जुड़े लोगों को हो रहा था। रिजेक्ट अनाज को किसान घर वापस ले जाने के बजाए व्यापारियों को कम कीमत पर बेचने को मजबूर हो जाता है।