जिलेभर में चल रहे रेत के अवैध डंप जिम्मेदारों के लिये वसूली का बन रहे हैं अड्डा, भरवारा में सरकारी जमीन में भी बना लिया रेत का अवैध डंप.
पन्ना/पवई. बारिश का सीजन शुरू होते ही जिलेभर में रेत के अवैध डंपों की बाढ़ गई है। जिले में रेत के सबसे अधिक डंप अजयगढ़ क्षेत्र में सड़कों के किनारे और खेतों में बने हुए हैं। इसके अलावा धरमपुर क्षेत्र में भी यही स्थिति है। इन क्षेत्रों में हालत यह है कि एक-एक डंप में 500 से 1000 डंपर तक रेत डंप की गई है। इसके अलावा पन्ना सहित जिलेभर में रेत के अवैध डंपों से रेत बेची जा रही है। पत्रिका द्वारा इस मामले को शनिवार के अंक में प्रमुखता के साथ उठाया गया था। इसके बाद पवई में नायब तहसीलदार उमेश तिवारी के नेतृत्व में रेत के एक अवैध डंप पर छापामार कार्रवाई कर रेत को जब्त कर लिया गया है। जबकि जहां पर रेत का अथाह भंडार है अजयगढ़ में प्रशासन द्वारा वहां अभी तक कार्रवाई शुरू नहीं की गई है।
जिला मुख्यालय में भी रेत के अवैध डंपों को प्रशासन का अभयदान मिला हुआ है। इन क्षेत्रों में राजस्व के साथ ही खनिज और पुलिस विभाग की सक्रियता भी सवालों के घेरे में है। जानकारी के अनुसार पवई में पदस्थ नायब तहसीलदार उमेश तिवारी के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा शनिवार को ग्राम टिकरिया में रामाश्रय ढाबा के पास डंप रेत की जांच की गई। इसमें डंप कर्ता भगवान दास राठौर से रेत डंप के लिये स्वीकृति संबंधी दस्तावेज मांगे गए।
जो उनके पास नहीं थे। उनके द्वारा अवैध रूप से रेत का डंप बनाया गया था। जहां से अवैध रूप से रेत की बिक्री की जा रही थी। अवैध रूप से रेत का डंप पाए जाने पर नायब तहसीलदार द्वारा रेत के जब्ती की कार्रवाई कर पंचनामा तैयार किया गया। इसके बाद मामले में अग्रिम कार्रवाई के लिये प्रकरण तैयार कर एसडीएम के पास भेज दिया गया है। उक्त कार्रवाई के दौरान हल्का पटवारी बुलेट सिंह, पटवारी मुकेश धुर्वे, पटवारी भजन गौतम आदि मौजूद रहे।