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MP के इस जिले में अनाज बेचने के बाद भुगतान के लिए भटक रहे किसान, यहां पढें पूरी खबर

शिकायत भी बेअसर: जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान
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पन्ना

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Rudra pratap singh

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Updated: 7 Jul 2018, 6:38 PM IST

Even after selling grain in this district of MP, the farmer wandering

Even after selling grain in this district of MP, the farmer wandering

पन्ना। भावांतर मूल्य पर चना, सरसों और मूंग आदि बेचने वाले कई किसानों को एक से दो सप्ताह तक भुगतान नहीं मिल पा रहे हैं। इससे खरीफ के बुवाई का काम प्रभावित हो रहा है। अभी खरीफ की बुवाई के लिए खेतों की जुताई, बीज, खाद और मजदूरी आदि का भुगतान करने किसानों को रुपए की आश्यकता है। इसके बाद भी जिम्मेदार लोगों द्वारा इस दिशा में कार्रवाई नहीं की जा रह है। किसानों को अब कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

पन्ना निवासी किसान गुलाम मोहम्मद ने बताया, उन्होंने सहकारी समिति सिलधरा में 25 मई को 16 क्विंटल चना बेचा था। जिसका भुगतान अभी तक खाते में नहीं आया है। उन्हें खरीफ की खेती के लिए रुपए की जरूरत है। उन्होंने इस संबंध में समिति प्रबंधक से भी बात की थी। जहां से उन्हें बताया गया कि समिति द्वारा भुगतान की कार्रवाई के लिए बैंक को भेजा गया है, जबकि बैंक से उन्हें अभी तक रुपए नहीं मिल पाए हैं।

उन्होंने संबंधित आवेदन जन सुनवाई में दिया है। गुलाम मोहम्मद जैसे और भी कई किसान हैं तो जो इसी तरह समिति और बैंक के चक्कर लगा रहे हैं। किसानों की समस्याओं को लेकर जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी गंभीर नहीं दिख रहे हैं।

खरीफ की फसलों में हो रही देरी
भवांतर योजना के अंतर्गत बेंची गई फसलों के भुगतान में हो रही देरी के कारण, खरीफ की फसलों का क्रम रुका हुआ है। गौरतलब है कि किसानों को फसल बुआई से पहले किसानी कार्य के लिए कृषि संबंधी आवश्यक सामग्री, जिनमें डीजल, खाद, बीज,कीटनाशन व सिंचाई से संबंधी अन्य की जरुरक होती है। वही किसानों ने कहा कि यदि समय पर पैसा मिल जाए तो खरीफ की फसलों की तैयारी में जुट जाए।

कर्म वर्षा बनी बाधा
जुलाई माह में जिले में कम वर्षा के कारण खरीफ में बोई जानी वाली फसलों जिनमें सोयाबीन,उड़द, मूंग, तिल के बुआई काम प्रभावित हो रहा है। कई किसान को निजी सिचाई के संसाधनों से धान के बीज बनान शुरू कर दिए है। यदि कम वर्षा हुई तो खरीफ की फसलों में नुकसान पहुंचने की संभावना है।