मौसम का बदला मिजाज, लोगों के निकले स्वेटर
पन्ना. अक्टूबर में समय से 10 दिन पहले दस्तक देने वाली ठंड इस वर्ष नवंबर से पहले ही गुलाबी सर्दी में तब्दील हो गई है। तीन दिन से बिगड़े मौसम के मिजाज व बूंदाबांदी के बीच शनिवार को पूरब से चली सर्द हवाओं ने मौसम को गुलाबी बना दिया। शाम को सिहरन बढ़ी तो लोगों ने ठंड से बचने गर्म कपड़े निकाल लिए। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में गुलाबी ठंड के अहसास से इस वर्ष दिसंबर-जनवरी में कड़ाके की ठंड पडऩे के की उम्मीद है। अरब सागर में बने चक्रवात के प्रभाव के कारण दिनभर आसमान में मध्यम ऊंचाई के बादल छाए रहे। शाम को ठंडी हवाओं के कारण अचानक मौसम सर्द हो गया। अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मच्छरों से रहें सावधान
गर्मी और संक्रमण काल में मच्छरों का प्रकोप अचानक बढ़ गया है। इसलिए इस मौसम में खान-पान, आचार-व्यवहार के साथ ही साफ.-सफ ाई पर भी ध्यान देना चाहिए। साफ.-सफ ाई नहीं होने की स्थिति में डेंगू भी फैल सकता है। मौसम में हर-हाल में मच्छरदानी लगाकर सोना चाहिए। मच्छरों के कारण डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया आदि बीमारियां हो सकती हैं। इसके लिए सबसे जरूरी है कि अपने आसपास गंदगी नहीं होने दें।
दमा-कोल्ड एलर्जी के मरीज बरतें सावधानी
चिकित्सकों कहना है कि इस मौसम में दमा व कोल्ड एलर्जी के मरीजों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे समय में इन बीमारियों का प्रभाव ज्यादा बढ़ जाता है। इसलिए इससे प्रभावित होने वाले मरीजों को चाहिए कि वे अपनी जीवन शैली को संयमित रखें। ठंड से बचने की कोशिश करें। वे यह नहीं समझें कि अभी उतनी ठंड नहीं आई है।