
Panna Diamond mines- मध्य प्रदेश में सोमवार का दिन पन्ना जिले में रहने वाले एक मजदूर और एक किसान के लिया धन की वर्षा कर देने वाला सबिता हुआ। पहले खबर आई अहिरगुवा क्षेत्र में एक मजदूर को करीब 40 लाख रुपए की कीमत वाला 11.19 कैरट का 'हीरा' मिला था। अब पटी बजरिया क्षेत्र में एक किसान को भी सोमवार शाम को खदान में खुदाई के दौरान डायमंड मिल गया है। हालांकि, यहां किसान ने हीरे को हीरा कार्यालय ना ले जाकर ऐसी जगह पर ले गया जिसे देख सभी हैरान रह गए।
पटी बजरिया क्षेत्र में साझेदारी में हीरे की खदान संचालित कर रहे किसान राजेश उपाध्याय को 40 सेंट का जेम्स क्वालिटी का बेशकीमती हीरा मिला। पहला हीरा हाथ लगते ही उन्होंने अपनी मन्नत पूरी करते हुए उसे भगवान श्री जुगल किशोर के चरणों में अर्पित कर दिया। किसान ने अनूठी आस्था और भगवान के प्रति समर्पण की मिसाल कायम की।
राजेश उपाध्याय ने बताया कि खदान शुरू करते समय उन्होंने भगवान श्री जुगल किशोर से प्रार्थना की थी कि यदि उन्हें पहला हीरा प्राप्त होगा तो वह उसे भगवान को समर्पित करेंगे। मन्नत पूरी होते ही वे सीधे मंदिर पहुंचे और श्रद्धा के साथ हीरा अर्पित किया। मंदिर के पुजारी ने किसान की आस्था की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा कारणों से फिलहाल मंदिर में हीरा रखना उचित नहीं है। उन्होंने हीरा वापस सौंपते हुए कहा कि भविष्य में जब भगवान के नए आभूषण तैयार किए जाएंगे, तब मंदिर प्रबंधन इसे स्वीकार करेगा। तब तक हीरे को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई।
इस घटना के बाद पन्ना की प्रसिद्ध कहावत पन्ना के जुगल किशोर की मुरलिया में हीरा जड़े हैं एक बार फिर लोगों की जुबान पर है। राजेश उपाध्याय और उनके साथियों का कहना है कि यदि श्रद्धालुओं का सहयोग और आस्था इसी तरह बनी रही, तो भविष्य में भगवान श्री जुगल किशोर की पोशाक भी हीरों से अलंकृत की जा सकेगी।किसान की इस अनूठी श्रद्धा की पूरे पन्ना जिले में सराहना हो रही है।
बता दें कि, सोमवार को इससे पहले अहिरगुवा क्षेत्र में मजदूर राकेश गौड़ को खदान में खुदाई के दौरान 11.19 कैरट का हीरा मिला था। इस हीरे की कीमत करीब 40 लाख रुपए आंकी गई थी। चौकानें वाली बात तो तब सामने आई जब यह पता चला कि राकेश के पिता चुनवादा गौड़ को भी करीब भी दो साल पहले कृष्णा कल्याणपुर पटी बजरिया क्षेत्र में स्थित एक खदान में हीरा मिला था जिसकी कीमत करीब 93 लाख रुपए बताई गई थी।