11 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

panna news: ‘लग गई लॉटरी…’ 3 दोस्तों को मिट्टी में मिला 16.96 कैरेट का हीरा, अब धूमधाम से होगी शादी

Invaluable diamond: पन्ना के सरकोहा गांव में सात मजदूरों को 16.96 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिला, अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये से अधिक है।
2 min read
Google source verification
Invaluable diamond: 16.96 कैरेट के हीरे ने चमकाई किस्मत (Photo Source - Patrika)

Invaluable diamond: 16.96 कैरेट के हीरे ने चमकाई किस्मत (Photo Source - Patrika)

panna news: एमपी में हीरों की धरती पन्ना में एक बार फिर किस्मत चमकाने वाला बेशकीमती हीरा मिला है। सरकोहा गांव में खेत की खदान में काम करने वाले मजदूरों को 16.96 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिला है। इसकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। हीरा मिलने की खबर से मजदूरों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है।

अब सभी की निगाहें सरकारी नीलामी पर टिकी हैं, जिसके बाद नियमानुसार प्राप्त राशि साझेदारों में बांटी जाएगी। 2024 में संचालित उथली खदान की चाल रखी हुई थी । पट्टाधारक अखिलेश पाल 3 दिन की बारिश के बाद चल का जायजा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान मिट्टी के बीच चमकता हुआ पत्थर दिखाई दिया। जांच कराने पर उसके हीरा होने की पुष्टि हुई। इसके बाद हीरे को नियमानुसार शासकीय हीरा कार्यालय में जमा करा दिया गया है। अब इसकी सरकारी नीलामी कराई जाएगी।

आर्थिक तंगी के बीच शादी का इंतजार

इस हीरे ने मजदूरों के जीवन में नई उम्मीद जगा दी है। साझेदारों में शामिल संतोष, शर्मन और अरुण आर्थिक परेशानियों के कारण करीब 30 से 38 वर्ष की उम्र तक शादी नहीं कर पाए थे। अब उन्हें उम्मीद है कि हीरे की नीलामी से मिलने वाली रकम उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक पूरी कर सकती है। उन्हें विश्वास है कि जल्द ही उनके घरों में भी शहनाई बजेगी।

पक्के मकान और बच्चों की पढ़ाई का सपना

मजदूरों के लिए यह हीरा सिर्फ धन का जरिया नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य की उम्मीद बनकर सामने आया है। उनका कहना है कि नीलामी से मिलने वाली राशि का उपयोग परिवार की जरूरतें पूरी करने, कच्चे छप्परों की जगह पक्के मकान बनाने और बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने में किया जाएगा। लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे इन परिवारों के लिए यह हीरा किसी वरदान से कम नहीं है।

नीलामी के बाद बराबर बांटी जाएगी राशि

नियमानुसार सरकारी नीलामी से प्राप्त राशि में निर्धारित रॉयल्टी और अन्य शुल्क काटे जाएंगे। इसके बाद बची राशि सातों साझेदारों के बीच बराबर-बराबर बांटी जाएगी। फिलहाल मजदूरों को नीलामी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है। उनकी उम्मीदें अब 16.96 कैरेट के उस चमकते हीरे से जुड़ी हैं, जिसने वर्षों की आर्थिक परेशानियों के बीच उनके सपनों को नई रोशनी दे दी है।