
पन्ना. जिला अस्पताल के एनक्यूएएस (नेशनल क्वालिटी एसोर्रेंस सर्विस) सर्वेक्षण के लिए दूसरे दिन भी विशेषज्ञों की टीम ने काम किया। सुबह दस्तावेजों के रख-रखाव देखा। इसके बाद पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से यहां के कर्मचारियों को गुणवत्ता मानकों की जानकारी दी गई। साथ ही मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं और सुविधाओं के गुणवत्ता बढ़ाने के उपाय सुझाए गए। टीम का फोकर सेवाओं के गुणवत्ता में सुधार दी दिशा में रहा। पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन शाम ६ बजे के बाद तक चला। निरीक्षण के दौरान टीम को कई सेवाएं राष्ट्रीय गुणवत्ता मानक के अनुसार नहीं मिली थीं। जिस पर अस्पताल प्रशासन को सुधार के निर्देश दिए थे। दूसरे दिन शनिवार को भी निरीक्षण किया। इस दौरान दस्तावेजों के रखखाव देखा, जहां कई प्रकार के अव्यवथाएं देखने को मिलीं। इस पर टीम ने सुधारात्मक निर्देश दिए। कहा, हर विभाग के लिए अलग-अलग प्रोटोकॉल तय है, इसका सही तरीके से पालन किया जाए। टीम मेंं शामिल कटनी के वरिष्ठ चिकित्सव डॉ. यशवंत सिंह और सतना जिला अस्पताल की डॉ. श्वेता सिंह ने प्रोटोकॉल के अनुसार विभाग संचालन करने और राष्ट्रीय मानक के अनुसार उन्नत करने के सुझाव दिए। सिविल सर्जन डॉ. आरएस त्रिपाठी ने सहमति जताई।
सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर दिया जोर
दो दिनी निरीक्षण के अंतिम दिन टीम द्वारा तक मानकों के आधार पर अस्पताल का परीक्षण करने के बाद उनमें गुणवत्ता सुधार के लिए भी कहा, दूसरे दिन का पूरा फोकस पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन पर रहा है। टीम द्वारा कईचरणों में जिला अस्पताल के स्टाफ को सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
&टीम की ओर से सभी विभागों का प्रोटोकॉल के अनुसार संचालन करने और उन्हें राष्ट्रीय मानकों के अनुसार उन्नत करने के सुझाव दिए गए हैं। इन्हें पूरा करने में दो तीन माह का समय लग सकता है।
डॉ. आरएस त्रिपाठी, सीएस