ladli bahan yojana online apply last date- 30 अप्रेल है आवेदन की अंतिम तारीख, अंतिम तिथि नहीं बढ़ी तो योजना से वंचित रह जाएंगी हजारों लाड़ली बहनें
लाड़ली बहना योजना के ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रेल है। आवेदन की अंतिम तिथि अभी तक नहीं बढ़ी है, जबकि हजारों महिलाएं हर दिन बैंक पहुंच रही हैं। बैंकर्स की मनमानी से उन्हें परेशानियां हो रही हैं। अगर अंतिम तिथि नहीं बढ़ाई गई तो जिले में हजारों की संख्या में पात्र महिलाएं योजना के लाभ से छूट सकती हैं।
जिले में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत 25 अप्रेल को शाम 6 बजे तक 1 लाख 55 हजार 34 आवेदन ऑनलाइन दर्ज किए जा चुके हैं। शहरी क्षेत्र की 18 हजार 953 और ग्रामीण क्षेत्र की 1 लाख 36 हजार 81 महिलाओं के आवेदन अब तक भरे गए हैं। 30 अप्रेल को पोर्टल बंद हो जाएगा, इसलिए नगरीय निकायों के वार्ड और ग्राम पंचायत क्षेत्र की पात्र बहनों का अनिवार्य रूप से आवेदन करवाने के लिए कहा गया है।
वार्ड प्रभारी और पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और पटवारी 30 अप्रेल को संबंधित अधिकारी के माध्यम से इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेंगे कि अब संबंधित क्षेत्र में कोई भी पात्र बहन योजना में पंजीयन के लिए शेष नहीं है। 1 मई को अनंतिम सूची के प्रकाशन के बाद सभी एसडीएम को दावा-आपत्ति के संबंध में आवश्यक व्यवस्थाएं करने के लिए भी कहा गया है।
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30 अप्रेल को रात 9 बजे तक होगा आवेदन
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में ऑनलाइन आवेदन 30 अप्रेल को पोर्टल पर सुबह 8 से रात 9 बजे तक किए जा सकते हैं। इससे पहले महिला एवं बाल विकास संचालनालय ने सरकारी छुट्टी को देखते हुए रविवार 30 अप्रेल को पोर्टल बंद रखे जाने के निर्देश जारी किए थे।
बैंकों में अभी भी लग रहीं लंबी-लंबी कतारें
अजयगढ़ से खबर है कि हर दिन हजारों महिलाएं सुबह 8-9 बजे से ही पहुंच रही हैं। एसबीआइ की अजयगढ़ शाखा में बुधवार को सुबह 9.30 बजे बैंक खुलने के पहले महिलाओं की लंबी कतार देखी गई। बैंक प्रबंधन एक दिन में सीमित महिलाओं के ही खाते अपडेट करता है। इसलिए टोकन लेने के लिए महिलाएं बैंक खुलने से पहले ही कतार में खड़ी हो जाती हैं। उनके साथ आए लोग भी वहीं पर रहते हैं, जिससे बैंक के सामने काफी भीड़ रहती है। मुख्य सड़क होने के कारण दुर्घटनाओं की भी आशंका रहती है। फॉर्म भरने की अंतिम तिथि नजदीक होने से भीड़ कुछ ज्यादा ही हो रही है। टोकन मिल जाने के बाद भी कई महिलाओं का नंबर नहीं आता, जिससे उनमें काफी रोष है।