MP News: एमपी में वैश्विक पहचान दिलाने वाला डायमंड म्यूजियम एक बार फिर विवादों में है। तीसरी बार स्थान बदले जाने से करोड़ों की लागत और देरी तय मानी जा रही है।
MP News: भारत की हीरा नगरी पन्ना को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाने वाला विश्व का दूसरा डायमंड म्यूजियम (Diamond Museum) अब शहर के यादवेंद्र क्लब में नहीं, बल्कि जनकपुर क्षेत्र में बनेगा। जिला प्रशासन ने स्थान परिवर्तन का प्रस्ताव राज्य कार्यालय को भेज दिया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही म्यूजियम की डीपीआर (DPR) में बदलाव होगा और नए सिरे से ड्राइंग-डिजाइन तैयार की जाएगी। इससे निर्माण कार्य शुरू होने में लंबा समय लग सकता है।
पर्यटन विभाग (MP Tourism) द्वारा जिला उद्योग विभाग से डायमंड पार्क के लिए आबंटित जमीन में से 2 हेक्टेयर भूमि की मांग की गई है। उद्योग विभाग ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए इसे राज्य कार्यालय भेज दिया है। अनुमति मिलते ही डायमंड म्यूजियम के निर्माण की प्रक्रिया दोबारा प्रारंभ की जाएगी। हालांकि इस प्रक्रिया में लंबा समय लगेगा साथ ही लाखों रुपए दोनों बर्बाद होंगे।
डायमंड म्यूजियम के निर्माण के लिए 18 करोड़ रुपए की राशि पहले ही स्वीकृत हो चुकी है। यह संग्रहालय न केवल पन्ना में निकलने वाले विश्व प्रसिद्ध हीरों को प्रदर्शित करेगा, बल्कि उनके इतिहास, उत्खनन, तराशने की कला और आभूषण निर्माण तक की संपूर्ण यात्रा को दर्शाएगा। इसके साथ ही बुंदेलखंड की संस्कृति, पुरातत्व, मंदिर और ऐतिहासिक धरोहरों की झलक भी एक ही स्थान पर देखने को मिलेगी। एशिया काइकलौता डायमंड म्यूजियम पर्यटकों को एक समृद्ध सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करेगा।
पहले यह म्यूजियम कलेक्ट्रेट बंगला के बगल में स्थित सरकारी आवास में विकसित किया जा रहा था। वहां लाखों रुपए खर्च होने के बाद स्थान बदलकर धरम सागर तालाब के ऊपर स्थित 18वीं सदी की ऐतिहासिक इमारत यादवेंद्र भवन में प्रस्तावित किया गया। यहां लैंडस्केपिंग, बटरफ्लाई पार्क, लेजर और क्लासिक लाइटिंग जैसी योजनाएं भी थीं। हालांकि अब प्रशासन ने तीसरीबार स्थान परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू की गई है।
जनकपुर में डायमंड पार्क के लिए पहले ही 11 हेक्टेयर जमीन आबंटित कर उसका समतलीकरण किया जा चुका है। इस पार्क के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा 12.65 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। अब इसी भूमि में से 2 हेक्टेयर जमीन डायमंड म्यूजियम के लिए मांगी जा रही है। इससे संबंधित प्रस्ताव भी शासन को भेज दिया गया है। यदि प्रस्ताव स्वीकृत हो जाता है तो डायमंड पार्क और डायमंड म्यूजियम एक ही परिसर में होंगे। यह डायमंड कारोबार से जुड़े लोगों के लिए सुविधाजनक स्थति बताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि इससे हीरा कारोबारियों को सुविधा है। (MP News)