पन्ना

MP के भरतपुर में दो दिन से बाघ का डेरा, चार हाथियों के साथ चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन

दिनभर छकाया पर हाथ नहीं आया, बाघ को नहीं लगा है कॉलर आईडी, दो का किया शिकार, पहचान के बाद ट्रेंकुलाइन करने का होगा निर्णय
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Updated: 9 Jan 2018, 2:33 PM IST
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पन्ना। पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर जोन तारा, विक्रमपुर और इससे लगे आसपास के क्षेत्र मेें बीते कुछ माह से लगातार बाघ का मूवमेेंट बना है। बीते माह विक्रमपुर से चार हाथियों के साथ दो दिन तक चले रेस्क्यू के बाद बाघ को जंगल की ओर खदेडऩे में सफलता मिली थी। रविवार शाम फिर बाघ ने इसी क्षेत्र से लगे ग्राम बांधी काला और भरतपुर में डेरा डाल दिया है।

जानकारी के बाद पन्ना टाइगर रिजर्व का रेस्क्यू दल चार हाथियों और वाहनों की सहायता से बाघ को दिनभर जंगल की ओर खदेडऩे का प्रयास करता रहा, पर सफलता नहीं मिली। मंगलवार सुबह फिर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा।

दो मवेशियों का शिकार

ग्रामीणों के अनुसार बाघ को ग्राम बांधी कला में रविवार शाम को देखा था, जो भरतपुर पहुंच गया। बांधी कला में उसने दो मवेशियों का शिकार भी किया। इसके बाद अमानगंज रेंज का वन अमला और टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम चार हाथियों को लेकर बाघ को खदेडऩे पहुंच गई। टीम में शामिल हाथी और वन अधिकारी व कर्मचारी बाघ को जंगल की ओर खदेडऩे का प्रयास करते रहे, सफलता नहीं मिली है।

ग्रामीणों में दहशत
बाघ के रेस्क्यू के लिए टीम के पहुंचने के बाद पार्क की टीम, रेंज की टीम और पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। इसके साथ ही लोगों को हिदायत दी गई थी कि अपने-अपने घरों के फाटक और दरवाजे बंद कर लें। घरों के बाहर नहीं निकलें। बंद कमरों में रहें और बच्चों को अकेला नहीं छोड़ें। इसके साथ ही आसपास के गांव के लोगों को भी समीपी जंगलों में नहीं जाने की हिदायत दी गई थी। बाघ की दहशत कारण दिनभर गांव के लोग घरों में कैद रहे।

आज फिर चलेगा रेस्क्यू ऑपरेशन
डिप्टी रेंजर रामऔतार पाठक ने बताया कि बाघ अन कॉलर्ड होने के कारण उसकी अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। मंगलवार को रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पहचान की जाएगी। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में आगे रेस्क्यू की कार्रवाई की जाएगी। वहीं एडी आरके सक्सेना ने बताया, बाघ की पहचान के बाद ही वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निर्णय लिया जाएगा कि करना क्या है। गौरतलब है कि उक्त बाघ संभवतया अपने लिए टेरटरी बनाने के लिए जंगल के आसपास के क्षेत्र में बीते कई महीनों से भटक रहा है। उसे अपनी टेरटरी बनाने के लिए उपयुक्त स्थान मिलने के बाद उसका भटकाव बंद हो सकता है।

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