
Panna Police Lathicharge : मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में मंगलवार देर रात पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। मझगांय बांध परियोजना के विस्थापितों पर ये कार्रवाई की गई। आंदोलन स्थल पर देर रात भारी पुलिस बल पहुंच गया जिससे तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। आंदोलनकारियों पर पुलिस ने लाठियां बरसाना शुरु कर दिया। इससे बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। घायलों में महिलाएं भी शामिल हैं।
मझगांव बांध विस्थापन क्षेत्र में पूर्ण मुआवजा और पुनर्वास की मांग को लेकर चल रहा चिता आंदोलन मंगलवार देर रात एक बार फिर चर्चा में आ गया। आंदोलन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के अनुसार पुलिस ने देर रात आंदोलनकारियों पर लाठी चार्ज कर दिया। इससे कई लोगों को चोटें आई हैं। पुलिस की ओर से फिलहाल विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
पन्ना के मझगांव बांध विस्थापन क्षेत्र में कई परिवार लंबे समय से पूर्ण मुआवजा और पुनर्वास की मांग को लेकर सत्याग्रह कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि प्रभावित लोगों को अब तक उनकी मांगों के अनुरूप पूर्ण मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिल पाया है। चिता आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि उनका सत्याग्रह किसी व्यक्ति या संस्था के विरोध में नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों को उनके अधिकार दिलाने की मांग को लेकर है। आंदोलनकारी लगातार प्रशासन से संवाद कर समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं। इसी बीच पुलिस के लाठीचार्ज से लोगों ने गुस्सा जताया है। पुलिस पर सोमवार रात को भी मारपीट के आरोप लगाए गए थे।
आंदोलनकारी दिव्या अहिरवार और हिसाबी राजपूत को हिरासत में लिया गया। अमित भटनागर ने बताया कि पुलिस की ओर से अभी तक दोनों की हिरासत के कारणों और आगे की कार्रवाई के संबंध में जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में हिरासत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। आंदोलनकारियों ने कहा कि विस्थापन से प्रभावित परिवारों के घर और गांव डूब की स्थिति में पहुंच रहे हैं, जबकि उनके अनुसार मुआवजा और पुनर्वास का मुद्दा अब भी पूरी तरह हल नहीं हुआ है। उनका कहना है कि जब तक प्रभावित परिवारों को न्याय नहीं मिलता, चिता आंदोलन जारी रहेगा।
पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने की घटना के बाद आंदोलन स्थल की गतिविधियों पर अब प्रशासन और आंदोलनकारियों के अगले कदम पर नजर बनी हुई है। आंदोलन स्थल पर माहौल तनावपूर्ण बन हुआ है।