पांच दिन पहले पन्ना टाइगर रिजर्व के मंडला रेंज इलाके में बाघ ने एक हिरण का शिकार किया, इसकी पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग वहां मौजूद कुछ पर्यटकों ने कर ली।
पन्ना. जंगल में टाइगर रोज शिकार करता है.. पर यह कैमरे पर रिकॉर्ड हो जाए तो कितना रोमांचक होता है। कुछ ऐसा ही हुआ है पांच दिन पहले पन्ना टाइगर रिजर्व के मंडला रेंज इलाके में। यहां एक बाघ ने एक हिरण का शिकार किया, इसकी पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग वहां मौजूद कुछ पर्यटकों ने कर ली। लौटते समय उन्होंने इस रिकॉर्डिंग को रिजर्व प्रबंधन को भी दे दी। पर यह वीडियो पिछले चार दिन से सोशल मीडिया पर खासा लोकप्रिय हो रहा है, विशेषकर पन्ना से जुड़े लोगों और टाइगर प्र्रेमियों में। वे रोमांचित हो उठते हैं इसे देखकर। इस वीडियो में एक बाघ घात लगाकर बैठा हुआ है, इतने में ही उसे हिरण दिखाई देता है, वह बिना कोई मौका दिखाए इसका शिकार कर लेता है। इसके शिकार होने के बाद एक और बाघ वहां पहुंच गया।
पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक यह वीडियो मड़ला रेंज का है, इसे छह दिन पहले टूरिस्टों ने बनाया गया था। इसमें एक जल स्रोत के पास पहले से घात लगाए बैठे वनराज प्यास बुझाने आए एक हिरण पर झपट्टा मार देते हंै। शिकार होने के बाद एक मादा बाघिन भी बाघ के पास पहुंच जाती है। पन्ना टागर रिजर्व के किशनगढ़, मडिय़ादो के जंगलों में गर्मियों के मौसम में कई स्थानों के जलस्रोतों पर टाइगर की गतिविधियां देखने मिलती हैं।
आठ साल में टाइगर बाहुल्य हो गया पन्ना
पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघ पुनरुर्थापना योजना की सोमवार को 8वीं वर्षगांठ है। अवैध शिकार के चलते वर्ष 2009 में बाघविहीन होने के बाद पन्ना टाईगर रिजर्व में बाघ पुनस्र्थापना योजना के तहत कान्हा व बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से बाघिन व पेंच टाइगर रिजर्व से एक नर बाघ लाया गया था। कुशल प्रबंधन के परिणामस्वरूप बाघों का कुनबा निरंतर बढ़ रहा है। मौजूदा समय यहां के जंगलों में तीन दर्जन से भी अधिक बाघ विचरण कर रहे हैं। बाघिन टी-1 ने पन्ना आकर 16 अप्रैल 2010 को अपनी पहली संतान को जन्म दिया। इस ऐतिहसिक व अविस्मरणीय सफलता को यादगार बनाने के लिए 16 अप्रैल को हर साल प्रथम बाघ शावक का जन्म धूमधाम से मनाये जाने की परम्परा शुरू हुई ताकि जनभागीदारी से बाघों के संरक्षण को बल मिले। बीते 8 वर्षों में बाघिनों के अलावा पन्ना टाइगर रिजर्व में जन्मी बाघिनों ने तकरीबन 60 से भी अधिक बाघ शावकों को जन्म दिया है। नन्हे बाघ शावकों के जन्म से पन्ना टाईगर रिजर्व का जंगल एक बार फिर पूर्व की तरह गुलजार हो गया।