एमपी में भीषण गर्मी का कहर जारी, पन्ना में पारा पहुंचा 46 डिग्री सेल्सियस
पन्ना। हीरों की नगरी पन्ना में तापमान चरम पर है। यहां की उथली खदानों में काम करने वाले मजदूरों के हाल-बेहाल हो चले है। 46 डिग्री सेल्सियस में हीरे की खोज काफी कठिन हो गई है। वहीं नगरीय क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस पूरे सप्ताह तापमापी का पारा 45 डिग्री के आसपास ही रहा है। दिन को चलने वाली गर्म हवाएं तेजी से जलाशयों का जलस्तर घटा रही है। तो लू ने आदमियों की हालत पतली कर दी है। मौसम का जन सामान्य पर असर यह है कि ब्लड प्रेसर और नक्सीर के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है।
जिले में इन दिनों भीषण गर्मी का दौर चल रहा है। मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रेकार्ड किया गया। बीते तीन दिनों से लगातार जिले का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड किया गया। भीषण गर्मी के कारण जिलेभर में लोग बेहाल हैं। दोपहर में गर्म हवाएं चलने के कारण लू चलने की आशंका भी जताई जा रही है। डॉक्टरों द्वारा लोगों को लू से बचाव के लिए सलाह दी जा रही है।
जिला प्रशासन द्वारा भी लोगों को लू से सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
तेज धूप से जनजीवन गंभीर रूप से प्रभावित है। मार्केट में शीतल पेयों और मौसमी फलों की मांग में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंगलवार को मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल द्वारा जिले का अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दोपहर में तो इतनी गर्मी हो रही है कि लोगों का घरों से निकलना भी दूभर हो रहा है। इसके कारण शीतल पेयों और हल्के व कॉटन के कपड़ों की भी डिमांड बढ़ गई है।
उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ी
गर्मी के कारण संपूर्ण जनजीवन बेहाल तो है ही साथ ही लोग बीमार भी पड़ रहे हैं। जिलेभर में जलसंकट के हालात होने के कारण लोग गड्ढोंं (झिरिया) का दूषित पानी पीकर बीमार पड़ रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों में इन दिनों बड़ी संख्या में लोग उल्टी-दस्त, सर्दी, बुखार, खांसी आदि रोग से पीडि़त होकर पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड और जी वार्ड में भी मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।