पटना

एकतरफा प्यार फिल्मों में अच्छा लगता है, सियासत में नहीं… महागठबंधन पर ओवैसी का तंज

बिहार चुनाव में गठबंधन को लेकर मीडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "हमने गठबंधन बनाने का कदम उठाया है और यह कमज़ोरी की निशानी नहीं है। हम एक राजनीतिक दल हैं और हमें चुनाव लड़ना ही है... राजनीति में एकतरफ़ा प्यार नहीं चलता। यह सिर्फ़ फ़िल्मों में ही अच्छा लगता है।"
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Updated: 26 Sep 2025, 4:06 PM IST
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सियासत में गरमी तेज हो गई है। इसी बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने महागठबंधन पर करारा तंज कसते हुए बड़ा बयान दिया है। सीमांचल न्याय यात्रा के दौरान पूर्णिया में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, “हमने गठबंधन की पहल की थी, लेकिन यह हमारी कमजोरी नहीं है। सियासत में एकतरफा मोहब्बत नहीं चलती, यह तो सिर्फ फिल्मों में अच्छा लगता है। राजनीति में सभी दलों को समान सम्मान और साझेदारी चाहिए।”

राजद पर नाराज़गी

ओवैसी ने साफ कहा कि राजद द्वारा उनके चार विधायकों को तोड़ लेना एआईएमआईएम के लिए सबसे बड़ा झटका रहा है। उन्होंने कहा, “बीज हमने बोया, खून-पसीना बहाकर फसल तैयार की। लेकिन जब फसल पक गई तो कुछ लोग उसे लेकर भाग गए। यह बहुत बड़ा धोखा है। वोट किसी व्यक्ति को नहीं बल्कि एआईएमआईएम को मिला था। अब इस बार हम गद्दार नहीं, ईमानदार प्रत्याशी उतारेंगे, जो जनता और दल की कसौटी पर खरे उतरें।”

बिहार में AIMIM का बड़ा दांव

ओवैसी ने साफ कर दिया कि उनकी पार्टी अब सिर्फ सीमांचल तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे बिहार में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगी। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें इंडिया गठबंधन (महागठबंधन) में जगह नहीं मिलती, तो भी वे चुनाव मैदान में उतरेंगे। “अगर हम 20-40 सीटों पर चुनाव लड़ें तो हमें वोट कटवा कहकर दोष नहीं दिया जा सकता। हम मुसलमानों और वंचित तबकों की राजनीति करते हैं और इस बार हमारी मौजूदगी और ज्यादा मजबूत होगी।”

मुस्लिम वोट बैंक का गणित

बिहार की ताजा जातीय गणना के मुताबिक, राज्य की करीब 18% आबादी मुस्लिम है। इनमें से लगभग 87 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां मुस्लिम वोटर 20% से अधिक हैं और हार-जीत में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। ओवैसी ने इसी समीकरण को साधते हुए कहा, “जब तक मुसलमानों का अपना नेता नहीं होगा, तब तक संवैधानिक अधिकारों की रक्षा नहीं होगी। नया लीडर आसमान से नहीं आएगा, इसे हमें ही बनाना होगा। और यह लीडर आपके वोट से पैदा होगा।”

सीमांचल न्याय यात्रा में उठाए अहम मुद्दे

ओवैसी इन दिनों सीमांचल न्याय यात्रा पर हैं। यात्रा के दौरान वे शिक्षा, रोजगार, बाढ़ राहत, स्वास्थ्य सुविधाओं और अल्पसंख्यक अधिकारों जैसे मुद्दों को उठा रहे हैं। उनका कहना है कि एआईएमआईएम केवल सत्ता पाने के लिए नहीं, बल्कि वंचित वर्गों को राजनीतिक ताकत देने के लिए मैदान में है।

सियासी मायने

ओवैसी का यह बयान साफ संकेत देता है कि आने वाले चुनाव में महागठबंधन और एनडीए दोनों के लिए सीमांचल की राजनीति आसान नहीं होगी। अगर एआईएमआईएम 20-40 सीटों पर प्रत्याशी उतारती है, तो मुस्लिम वोटों का बंटवारा तय है और इसका सीधा असर कई सीटों पर पड़ सकता है।

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26 Sep 2025, 4:06 PM IST
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