Bihar Politics: नीतीश के मंत्री अशोक चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पलटवार किया। बिहार में क्राइम को लेकर सीएम और डिप्टी सीएम के इस्तीफे की राबड़ी देवी की मांग पर जवाब देते हुए चौधरी ने न सिर्फ लालू-राबड़ी राज का जिक्र किया, बल्कि राबड़ी देवी पर सीधा हमला भी किया।
Bihar Politics: बिहार विधानमंडल परिसर में शुक्रवार को सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। बढ़ते अपराध के मुद्दों पर सरकार को घेर रहीं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आरोपों का नीतीश सरकार में भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने पलटवार किया। उन्होंने बेहद सख्त लहजे में कहा कि राबड़ी देवी मन ही मन चाहती हैं कि अशोक चौधरी मर जाएं और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी 'भंस' (नष्ट) जाएं, लेकिन उनके चाहने से कुछ नहीं होगा।
अशोक चौधरी ने विपक्ष को उनके 15 सालों के शासनकाल का आईना दिखाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लालू-राबड़ी राज में बिहार के डॉक्टर, इंजीनियर और व्यापारी जान बचाकर राज्य छोड़कर भागने को मजबूर हो गए थे। उस दौर में बिहार ने 118 नरसंहार देखे। जब बिहार का बंटवारा हुआ तो पटना के होटलों के कमरे 500 रुपये में भी कोई लेने को तैयार नहीं था, जबकि आज बिहार की स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की प्रति व्यक्ति आय 7,000 रुपये से बढ़कर 68,000 रुपये तक पहुंच गई है।
बिहार में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था के सवाल पर मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि घटनाएं तो हो रही हैं, लेकिन अब संगठित अपराध नहीं हो रहा है। जो भी अपराध हो रहा है, सरकार उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। विधानसभा का सत्र चल रहा है और लोग अपनी बात कह रहे हैं। लेकिन, अब पहले जैसी स्थिति नहीं रही, जब मंत्री और अधिकारी अपराधियों को बचाते थे। अब सत्ता से जुड़ा कोई नेता या अधिकारी अपराधियों को नहीं बचाता या उनकी वकालत नहीं करता। अगर अपराध हो रहा है, तो अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जा रही है।
इससे पहले, पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने दरभंगा में हुई रेप की घटना और नीट (NEET) छात्रा की संदिग्ध मौत को लेकर सरकार पर जोरदार हमला बोला था। राबड़ी देवी ने कहा कि बिहार में बलात्कार, हत्या और अपहरण का सिलसिला रुक नहीं रहा है। सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने में पूरी तरह अक्षम है। उन्होंने नीतीश कुमार से सीएम और सम्राट चौधरी से गृह मंत्री के पद से इस्तीफे की मांग की और कहा कि जब मंत्री अपराध रोकने का वादा पूरा नहीं कर पा रहे, तो वे पद पर क्यों बने हुए हैं?