दुलारचंद हत्याकांड मामले में जेल में चार महीने बिताने के बाद, बाहुबली विधायक अनंत सिंह सोमवार शाम बेऊर जेल से रिहा हो गए। मंगलवार को वे 100 गाड़ियों के काफिले के साथ मोकामा पहुंचे। उनका बरहिया स्थित महारानी स्थान जाकर पूजा-अर्चना करने का भी कार्यक्रम है।
करीब चार महीने जेल की सलाखों के पीछे रहने के बाद बाहुबली विधायक अनंत सिंह आज मंगलवार को अपने विधानसभा क्षेत्र मोकामा की जनता के बीच पहुंचे। कल शाम बेऊर जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने रात पटना में बिताई और आज सुबह एक विशाल काफिले के साथ निकले। अनंत सिंह का काफिला उनके पटना स्थित आवास से निकला और रास्ते में बख्तियारपुर और बाढ़ से होते हुए मोकामा की ओर बढ़ा। रास्ते में कई जगहों पर समर्थकों ने फूल-माला से उनका स्वागत किया और शेर-ए-बिहार जिंदाबाद जैसे नारे लगाए।
अनंत सिंह के पीछे लगभग 100 लग्जरी गाड़ियों का एक लंबा काफिला चल रहा था। अपनी करोड़ों की पसंदीदा लैंड क्रूजर कार में बैठे अनंत सिंह ने हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। बाढ़ के सबनिमा से लेकर मोकामा टाल तक, पूरे रास्ते लोग सड़कों के किनारे और अपने घरों की छतों पर खड़े थे, सभी छोटे सरकार की एक झलक पाने के लिए बेताब थे।
आज के इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव बड़हिया स्थित महारानी स्थान मंदिर है। अनंत सिंह ने जेल से बाहर आते ही अपनी आस्था प्रकट की थी और आज वे पूरे विधि-विधान के साथ माता के दरबार में मत्था टेकेंगे। उनके समर्थकों के अनुसार, किसी भी बड़े राजनीतिक या व्यक्तिगत अवसर पर देवी के दरबार में अनिवार्य रूप से दर्शन करना अनंत सिंह की पुरानी परंपरा रही है। इतना ही नहीं , अनंत सिंह बख्तियारपुर होते हुए बाढ़ के भुनेश्वरी चौक पहुंचेंगे, जहां से अपने पैतृक गांव लदवां जाकर देवी माता की पूजा करेंगे।
अनंत सिंह के आधिकारिक फेसबुक हैंडल पर एक वीडियो साझा किया गया है, जिसका कैप्शन है, 'सबनिमा में अपने जनता-मालिकों के बीच।' इस वीडियो में समर्थकों की भारी भीड़ दिखाई दे रही है। लोगों ने उन पर विशाल मालाओं की बौछार कर दी है। सुरक्षा चिंताओं और भीड़ के आकार को देखते हुए, प्रशासन पूरी तरह से हाई अलर्ट पर है।
अनंत सिंह कल शाम (सोमवार) को ही रिहा हो गए थे, जिसके बाद उनके समर्थकों ने जबरदस्त जश्न मनाया था। कल जैसे ही वह बेऊर जेल से बाहर निकले, पटना के 1 मॉल रोड स्थित उनके आवास पर दिवाली जैसा नज़ारा देखने को मिला। 2 लाख रुपये के पटाखों से रात का आसमान देर रात तक जगमगाता रहा। हजारों समर्थकों के लिए मिठाइयों, समोसों और अन्य स्वादिष्ट व्यंजनों की विशेष व्यवस्था की गई थी। 141 दिनों के बाद अपने परिवार और जनता से दोबारा जुड़ने पर अनंत सिंह बेहद ऊर्जावान नजर आए।
आज जब अनंत सिंह पटना से रवाना हो रहे थे, तो उन्होंने मीडिया से बात की और अपने पहले के बयान को दोहराया कि अब वह खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने जनता को संकेत दिया कि अब उनका बेटा उनकी राजनीतिक विरासत को संभालेगा। उन्होंने कहा, 'अगर मेरा बेटा चुनाव क्षेत्र का दौरा करता है और लोगों की मदद करता है, तो वो चुनाव लड़ेगा।'
वहीं, इससे पहले सोमवार की शाम जेल से बाहर आने के बाद अनंत सिंह ने दुलारचंद यादव हत्याकांड पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है। उन्होंने दावा किया कि घटना के समय वह अपराध स्थल से लगभग 4 किलोमीटर दूर थे और एक साज़िश के तहत उन्हें इस मामले में घसीटा गया था।
यह पूरा घटनाक्रम 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों के प्रचार अभियान के समय का है। 30 अक्टूबर को, जन सुराज के समर्थक दुलारचंद यादव की मोकामा टाल क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने 1 नवंबर को अनंत सिंह को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। जेल में रहते हुए भी, उन्होंने मोकामा सीट से चुनाव लड़ा और प्रभावशाली बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को हराया। 19 मार्च को उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद, अब वह मोकामा पहुंचे हैं।