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डिप्टी कमिश्नर के कई ठिकानों पर एक साथ रेड, 1,84,32,900 रुपये की काली कमाई का आरोप; दस्तावेज खंगाल रही SVU

शिवहर के डिप्टी कमिश्नर बृजेश कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस एक साथ तीन जिलों में छापा मारा। बृजेश पर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से 1.84 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति जमा करने का आरोप है।

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पटना

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Anand Shekhar

Mar 24, 2026

bihar news

डिप्टी कमिश्नर के यहां तलाशी ले रही SVU की टीम

Bihar News:बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ नीतीश सरकार का जीरो टॉलरेंस अभियान बिना किसी रुकावट के जारी है।इसी कड़ी में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) की टीमों ने मंगलवार सुबह शिवहर के डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर (DDC) सह जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बृजेश कुमार से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं ज्यादा संपत्ति के मामले में ये छापेमारी बेतिया, सीतामढ़ी और शिवहर में चल रही है।

1.84 करोड़ की अवैध संपत्ति के आरोप

विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बृजेश कुमार के खिलाफ कांड संख्या-11/2026 दर्ज किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, बृजेश कुमार ने अपने सेवा काल के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए और लोक सेवक के रूप में अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए ज्ञात आय के स्रोतों से 1,84,32,900 रुपये (करीब 1.84 करोड़) अधिक की संपत्ति अर्जित की है। बृजेश कुमार के खिलाफ यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी), 13(2) एवं 12 के तहत दर्ज किया गया है।

तीन जिलों में एक साथ विजिलेंस की छापेमारी

पटना की स्पेशल विजिलेंस कोर्ट द्वारा जारी तलाशी वारंट पर कार्रवाई करते हुए, SVU की अलग-अलग टीमों ने मंगलवार सुबह तीन ज़िलों में एक साथ अभियान शुरू किया। शिवहर में, DDC के सरकारी दफ्तर और उनके मौजूदा रिहायशी ठिकाने पर अभी भी गहन तलाशी चल रही है। इस बीच, सीतामढ़ी और बेतिया में, आरोपी अधिकारी से जुड़ी निजी संपत्तियों और ठिकानों की पूरी तरह से छानबीन की जा रही है, जिससे बेनामी निवेश से जुड़े सुराग मिलने की बात कही जा रही है।

दस्तावेज खंगाल रही SVU

छापेमारी के दौरान, SVU की टीमें संपत्ति और जमीन के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज़ों की बारीकी से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि तलाशी अभियान अभी भी जारी है और टीम को उम्मीद है कि उन्हें और भी अहम दस्तावेज़ मिलेंगे। चल रही जांच के आधार पर, इन अवैध संपत्तियों का अनुमानित मूल्य और भी ज्यादा बढ़ सकता है। छापेमारी पूरी होने के बाद ही जब्त किए गए सामान की आधिकारिक सूची जारी होगी।