पटना

Bankipur Seat: बांकीपुर में बीजेपी को घेरने की रणनीति, नाराज BJP नेताओं पर प्रशांत किशोर का फोकस

Bankipur Seat: पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है। बीजेपी ने मंगलवार को अभिषेक को उम्मीदवार बनाया है। सूत्रों के मुताबिक, प्रत्याशी चयन से बीजेपी के कुछ नेता नाराज हैं, जिन्हें प्रशांत किशोर की टीम साधने में जुटी है। बीजेपी का कहना है कि कायस्थ वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार उतारा है।
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Jul 08, 2026
Prashant Kishore
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (Photo-IANS)

Bankipur Seat: पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। बीजेपी ने मंगलवार को इस सीट पर अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, प्रत्याशी के नाम की घोषणा के बाद पार्टी के कुछ नेता और समर्थक नाराज हैं और उन्होंने फिलहाल दूरी बना ली है।

बताया जा रहा है कि प्रशांत किशोर की टीम अब इन्हीं नाराज नेताओं और समर्थकों को साधने में जुटी है। टीम की ओर से उनसे समर्थन की अपील भी की जा रही है। प्रशांत किशोर ने पहले भी मजाकिया अंदाज में इसके संकेत दिए थे कि वह बीजेपी के लोगों से भी समर्थन मांग रहे हैं। इसके अलावा पीके की टीम आरजेडी और जेडीयू के परंपरागत वोट बैंक में भी सेंध लगाने की कोशिश कर रही है।

बांकीपुर में BJP का जातीय समीकरण

दरअसल, बीजेपी ने बांकीपुर उपचुनाव को लेकर अपने चुनावी समीकरण में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। यही वजह है कि पार्टी ने कायस्थ समाज से उम्मीदवार उतारा है। बीजेपी रणनीतिकारों के मुताबिक, बांकीपुर सीट पर अपना गढ़ बचाने के लिए पार्टी ने अभिषेक को प्रत्याशी बनाकर करीब 14 फीसदी कायस्थ वोटरों के साथ-साथ भूमिहार (7%), ब्राह्मण (7%), राजपूत (5%) मतदाताओं को साधने की कोशिश की है। इसके अलावा बीजेपी को उम्मीद है कि चंद्रवंशी (9%), वैश्य (9%), दलित (8%), कुर्मी (5%) और कुशवाहा (3%) समाज के वोटर भी उसके पक्ष में लामबंद होंगे।

बांकीपुर में PK की रणनीति, नीतीश वोटरों पर नजर

इधर, पीके की टीम नीतीश कुमार के पारंपरिक वोटरों की भावनाओं को साधने में जुटी है। खासकर महिलाओं के बीच यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि नीतीश कुमार के बाद बिहार सरकार महिलाओं के मुद्दों पर सही तरीके से काम नहीं कर रही है।

इसके अलावा बिहार में बढ़ते अपराध और भरत भूषण तिवारी मामले को मुद्दा बनाकर लोगों को अपने पक्ष में करने की कोशिश की जा रही है। सोशल मीडिया पर नितिन नवीन के रथ के सामने भगवान हनुमान के नाचने का वीडियो भी शेयर किया जा रहा है। इसके जरिए आस्था से जुड़े सवाल उठाकर वोटरों को गोलबंद करने की रणनीति अपनाई जा रही है।

Updated on:
08 Jul 2026 10:41 am
Published on:
08 Jul 2026 10:40 am