
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आने लगी है। लालू परिवार के बाद अब पार्टी के विधायक भी आमने-सामने नजर आ रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने तेजस्वी यादव के करीबी नेताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि बांकीपुर में हार की सबसे बड़ी वजह संगठन की कमजोरी रही।
उन्होंने कहा कि पार्टी जिन लोगों पर भरोसा कर रही है, उनका जमीनी स्तर पर कोई वजूद नहीं है। बिना नाम लिए उन्होंने पार्टी प्रवक्ता शक्ति यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग नेता के आसपास बैठकर असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे लोगों की वजह से पार्टी के कई वरिष्ठ और कर्मठ नेता संगठन छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। भाई वीरेंद्र के इस बयान पर शक्ति यादव ने भी बिना किसी का नाम लिए पलटवार किया। इसके बाद आरजेडी की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सार्वजनिक हो गई।
भाई वीरेंद्र ने बिना नाम लिए शक्ति यादव पर निशाना साधते हुए कहा, "अगर मैं तुम्हारी करतूतों को सार्वजनिक कर दूं, तो तुम कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगे। मैं राजनीति तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए कर रहा हूं, जबकि तुम लोग तेजस्वी यादव का चेहरा दिखाकर पैसा वसूलने का काम करते हो। इसलिए चुप रहो। वरना घर से भागने से लेकर चमड़ी के व्यापार तक की सारी बातें हमारे पास हैं। अगर सब कुछ खोल दिया, तो कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगे।"
दरअसल, यह विवाद बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में आरजेडी की हार के बाद भाई वीरेंद्र के एक बयान से शुरू हुआ। उन्होंने कहा था कि जो लोग "चमचे" हैं, उन्हें तेजस्वी यादव के आसपास से हटाया जाना चाहिए। इस बयान पर पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि भाई वीरेंद्र पहले यह बताएं कि उन्होंने पार्टी के लिए क्या किया है। उन्होंने कहा कि नेता (तेजस्वी यादव) अपने हिसाब से काम कर रहे हैं और भाई वीरेंद्र को जो जिम्मेदारी दी गई है, उसे निभानी चाहिए। इसके बाद जब भाई वीरेंद्र से शक्ति यादव के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो वे नाराज हो गए और बिना नाम लिए उन पर तीखा हमला बोल दिया।