
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए सोमवार को नामांकन का अंतिम दिन है। बीजेपी प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इसके साथ ही चुनाव प्रचार भी पूरी रफ्तार पकड़ लेगा। अब तक विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों समेत 11 प्रत्याशी नामांकन दाखिल कर चुके हैं।
नामांकन के बाद नीरज सिन्हा और प्रशांत किशोर दोनों बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में अलग-अलग जनसभाओं को संबोधित करेंगे। इसके बाद दोनों नेताओं का जनसंपर्क अभियान भी औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा। नीरज सिन्हा के नामांकन के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के भी मौजूद रहने की संभावना है।
इससे पहले बीजेपी ने अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ 'बंटी' को उम्मीदवार बनाया था और उन्होंने नामांकन भी दाखिल कर दिया था। हालांकि बाद में उन्होंने नामांकन वापस लेने की घोषणा कर दी। इसके बाद पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा को अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया, जो सोमवार को अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल 3,79,471 मतदाता हैं। इनमें 1,99,987 पुरुष, 1,79,461 महिला और 23 मंगलामुखी मतदाता शामिल हैं। निर्वाचन आयोग ने क्षेत्र में 422 मतदान केंद्र बनाए हैं। सभी मतदान केंद्रों पर मतदाता सूची में शत-प्रतिशत फोटो कवरेज और फोटो पहचान पत्र की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीजेपी द्वारा प्रत्याशी बदले जाने पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब लोग जाति, धर्म, पार्टी और नेताओं से ऊपर उठकर मतदान का मन बनाते हैं, तो बीजेपी जैसी पार्टी को भी अपना उम्मीदवार बदलना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के गढ़ में ऐसा होना जनता की ताकत को दर्शाता है। प्रशांत किशोर ने लोगों से लोकतंत्र में अपनी ताकत को पहचानने की अपील भी की।
उधर, बांकीपुर उपचुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए बीजेपी ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार देर रात पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आवास पर वरिष्ठ नेताओं की अहम रणनीतिक बैठक हुई। बैठक में पूर्व घोषित उम्मीदवार अभिषेक 'बंटी' और वर्तमान प्रत्याशी नीरज सिन्हा भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, चुनाव प्रचार को माइक्रो मैनेजमेंट के आधार पर संचालित करने की रणनीति को अंतिम रूप दिया गया और वरिष्ठ नेताओं व विधायकों के बीच जिम्मेदारियों का बंटवारा किया गया।