पटना

Bankipur By Election: बांकीपुर में RJD क्यों पड़ी अलग-थलग? नामांकन ने खोल दी सियासी हकीकत

Bankipur By Election: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी, आरजेडी और जन सुराज के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। बीजेपी प्रत्याशी अभिषेक कुमार बंटी के नामांकन में जहां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रही, वहीं आरजेडी प्रत्याशी रेखा गुप्ता के नामांकन में लालू परिवार की गैरमौजूदगी और कम भीड़ चर्चा का विषय बनी। रेखा गुप्ता की उम्मीदवारी पर आरजेडी के कुछ नेताओं ने भी सवाल उठाए
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Jul 10, 2026
रेखा गुप्ता
रेखा गुप्ता

Bankipur By Election:बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की एंट्री से मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। बीजेपी के पूर्व विधायक और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद यह सीट खाली हुई थी। बीजेपी ने यहां से अभिषेक कुमार बंटी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि आरजेडी ने रेखा गुप्ता को मैदान में उतारा है। ऐसे में चुनाव त्रिकोणीय हो गया है।

गुरुवार को बीजेपी प्रत्याशी अभिषेक कुमार बंटी और आरजेडी प्रत्याशी रेखा गुप्ता ने अपना नामांकन दाखिल किया। अभिषेक के नामांकन में बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जबकि रेखा गुप्ता के नामांकन में लालू परिवार का कोई भी सदस्य शामिल नहीं हुआ। इसके अलावा कार्यकर्ताओं की संख्या भी अपेक्षाकृत काफी कम रही। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

रेखा गुप्ता पर RJD में बगावत

रेखा गुप्ता के उम्मीदवार घोषित होने के बाद से ही आरजेडी में सब कुछ सामान्य नहीं दिख रहा है। पार्टी सांसद सुरेंद्र यादव से जब बांकीपुर विधानसभा सीट से रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाए जाने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "कौन हैं रेखा गुप्ता? मैं उन्हें नहीं जानता।"

वहीं, आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने भी पार्टी के फैसले पर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि महागठबंधन का मुख्य उद्देश्य बीजेपी को रोकना है, इसलिए इस सीट पर आरजेडी को अपना उम्मीदवार नहीं उतारना चाहिए था। उनके अनुसार, इस फैसले से विपक्ष की स्थिति कमजोर हो सकती है।

मेरी जीत पक्की है

हालांकि, नामांकन के बाद रेखा गुप्ता ने दावा किया कि इस बार बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र का दशकों पुराना चुनावी इतिहास बदलेगा और आरजेडी इस सीट पर नया इतिहास रचेगी। उन्होंने मतदाताओं से समर्थन और आशीर्वाद की अपील करते हुए कहा कि यदि जनता उन्हें निर्वाचित करती है, तो वह उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगी। जब उनसे चुनाव में सबसे बड़ी चुनौती के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "जनता ही सबसे बड़ी चुनौती है।"

जातीय समीकरण पर टिकी लड़ाई

बांकीपुर विधानसभा सीट पर करीब 15 फीसदी कायस्थ मतदाता हैं, जिन्हें बीजेपी का पारंपरिक वोट बैंक माना जाता है। इसी सामाजिक समीकरण के दम पर पार्टी लंबे समय से इस सीट पर जीत दर्ज करती रही है। इसके अलावा भूमिहार (7 फीसदी), ब्राह्मण (7 फीसदी), राजपूत (5 फीसदी), कुर्मी (5 फीसदी) और कुशवाहा (3 फीसदी) मतदाताओं का भी अच्छा समर्थन बीजेपी को मिलने का दावा किया जाता है। यही वजह है कि इस सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है।

वहीं, आरजेडी ने रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाकर यादव और मुस्लिम मतदाताओं (करीब 10-10 फीसदी) के साथ वैश्य समुदाय (करीब 9 फीसदी) के समर्थन के आधार पर जीत की रणनीति बनाई है। इसके अलावा चंद्रवंशी (करीब 9 फीसदी) और दलित (करीब 8 फीसदी) मतदाताओं पर भी सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी दावेदारी कर रहे हैं।

इधर, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर का कहना है कि उन्हें जाति नहीं, बल्कि बदलाव के नाम पर वोट मिलेगा। इसी रणनीति के तहत उनकी नजर भूमिहार, ब्राह्मण और राजपूत समुदाय के संयुक्त करीब 19 फीसदी मतदाताओं के साथ-साथ अन्य वर्गों के करीब 10 फीसदी मतदाताओं पर भी है।

Updated on:
10 Jul 2026 09:09 am
Published on:
10 Jul 2026 08:05 am