
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए जारी मतदान के बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक महिला आरोप लगाती हुई दिखाई दे रही है कि कुछ लोग उस पर बीजेपी के पक्ष में वोट डालने का दबाव बना रहे हैं। महिला का दावा है कि उससे कहा गया कि यदि उसने बीजेपी को वोट नहीं दिया तो उसे जान से मार दिया जाएगा। हालांकि, चैटजीपीटी इस वीडियो की सत्यता या आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता।
वीडियो के सामने आने के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। यह पहली बार नहीं है जब मतदान के दौरान इस तरह के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हों। इससे पहले भी कई वीडियो सामने आए थे, जिनमें कुछ लोगों ने आरोप लगाया था कि उन्हें मतदान करने से रोका जा रहा है। इन दावों के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया।
जनसुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने पुलिस और बीजेपी कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया कि वे लाठी के बल पर उनके समर्थकों को मतदान करने से रोक रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इन तमाम प्रयासों के बावजूद बीजेपी चुनाव हार रही है। प्रशांत किशोर ने कहा कि हार की आशंका को देखते हुए कई बीजेपी कार्यकर्ता दोपहर 12 बजे के बाद ही मतदान केंद्र छोड़कर अपने घर चले गए। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की प्रत्याशी रेखा गुप्ता ने भी बीजेपी पर मतदाताओं को डराकर और दबाव बनाकर मतदान कराने का आरोप लगाया।
मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहने पर वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार पांडेय ने कहा कि इस बार चुनाव में जीत-हार का अंतर पिछले चुनाव की तुलना में काफी कम रह सकता है। उन्होंने कहा कि कम मतदान से यह संकेत भी मिलता है कि बांकीपुर की जनता पर प्रशांत किशोर की अपील का अपेक्षित असर नहीं पड़ा।
उन्होंने आगे कहा कि इस उपचुनाव का परिणाम प्रशांत किशोर से अधिक बीजेपी और आरजेडी के लिए महत्वपूर्ण होगा। यदि बीजेपी पूरी ताकत झोंकने के बावजूद कम अंतर से जीतती है, तो यह उसके लिए चिंतन का विषय होगा। वहीं, यदि आरजेडी तीसरे स्थान पर रहती है, तो पहले से दबाव का सामना कर रहे पार्टी नेतृत्व पर नए सवाल खड़े हो सकते हैं।