भागलपुर के नाथनगर स्थित लालूचक गांव से लापता हुई पांच नाबालिग बच्चियां 24 घंटे के भीतर पटना रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर ली गईं। बच्चियों के गायब होने के बाद पुलिस ने एसआईटी गठित कर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और घाटों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे। साथ ही 25 हजार रुपये इनाम की घोषणा भी की गई थी
भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र के लालूचक गांव से गायब हुई पांच बच्चियां गुरुवार देर रात पटना से बरामद कर ली गईं। पुलिस बच्चियों से यह जानने का प्रयास कर रही है कि वे आखिर कैसे भागलपुर से पटना पहुंचीं। हालांकि बच्चियां काफी घबराई हुई हैं, जिसकी वजह से वे फिलहाल कुछ स्पष्ट नहीं बता पा रही हैं।
बुधवार को नाथनगर इलाके से 8 से 12 वर्ष उम्र की पांच नाबालिग बच्चियों के अचानक लापता हो जाने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। लापता बच्चियों में श्वेता कुमारी, गंगा कुमारी, तेजस्वी कुमारी, पल्लवी और सोनम कुमारी शामिल थीं।
मामले की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमोद यादव ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने सिटी डीएसपी अजय कुमार चौधरी और डीएसपी-2 राकेश कुमार के नेतृत्व में 10 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। इसके साथ ही साइबर सेल और डॉग स्क्वायड को भी जांच में लगाया गया।
भागलपुर पुलिस ने इसके बाद रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बरारी घाट और सबौर घाट समेत कई संवेदनशील स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए। साथ ही बच्चियों का सुराग देने वाले को 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा भी की गई।
पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई के कारण गायब हुई सभी पांचों बच्चियां महज 24 घंटे के भीतर पटना रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर ली गईं।
राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के अनुसार, सभी बच्चियां ट्रेन के जरिए भागलपुर से पटना पहुंची थीं। हालांकि वे पटना कैसे पहुंचीं और उनके साथ क्या हुआ, इसे लेकर अभी जांच जारी है। जीआरपी का कहना है कि पटना रेल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। फिलहाल बच्चियां काफी डरी और परेशान हैं, इसलिए वे कुछ स्पष्ट नहीं बता पा रही हैं। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।