
Bharat Tiwari Encounter Case: बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए कथित एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी के भाई चंदन तिवारी और मां आशा देवी ने भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) पर उन्हें डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। इन आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए भोजपुर SP के कार्यालय ने एक बयान जारी कर इन आरोपों का खंडन किया है। भोजपुर पुलिस द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि सोशल मीडिया और विभिन्न संचार माध्यमों से फैलाए जा रहे ये आरोप कि SP ने मृतक के भाई चंदन तिवारी को धमकाया या मीडिया से बात न करने का दबाव डाला पूरी तरह से झूठे, बेबुनियाद और तथ्यों से परे हैं।
भोजपुर पुलिस ने स्पष्ट किया कि SP परिवार के पैतृक घर केवल गहरी संवेदना व्यक्त करने और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उनका पक्ष सुनने गए थे। पुलिस का एकमात्र उद्देश्य पीड़ित परिवार को यह भरोसा दिलाना था कि उन्हें निष्पक्ष न्याय मिलेगा।
भोजपुर पुलिस द्वारा जारी बयान में यह कहा गया है कि मुलाकात के दौरान किसी पुलिसवाले ने एकांत में बात करने पर जोर नहीं दिया था, बल्कि मृतक के परिवार (भाई चंदन तिवारी) द्वारा स्वयं पुलिस अधीक्षक को भीड़ से अलग हटकर बात करने का इशारा किया गया था। परिवार के इस अनुरोध का सम्मान करते हुए एसपी उनसे उसी जगह पर मात्र 3 से 4 कदम की दूरी पर गए और बातचीत की।
पुलिस का दावा है कि कुछ कदम दूर हुई इस बातचीत के दौरान चंदन तिवारी या उनके परिवार को कोई धमकी नहीं दी गई थी। इसके बजाय, परिवार ने खुद SP से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और एनकाउंटर मामले की निष्पक्ष जांच करने का विनम्र अनुरोध किया था। इसके अलावा, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी बातचीत के दौरान शाहपुर थाना पुलिस के साथ-साथ महिला सिपाही भी पीड़ित परिवार के दरवाजे पर मुस्तैद थी, जिससे किसी भी प्रकार के दबाव का सवाल ही नहीं उठता।
भोजपुर पुलिस ने कहा कि ऐसा लगता है कि चंदन तिवारी बाहरी तत्वों के प्रभाव में आकर यह बयान दे रहे हैं, जिसका मकसद मामले की दिशा को अनावश्यक रूप से भटकाना और पुलिस जांच को प्रभावित करना है। भोजपुर पुलिस ने कहा है कि वे मृतक भरत तिवारी के परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़े हैं और निष्पक्ष व पारदर्शी जांच करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।