
Bharat Bhushan Tiwari Encounter: भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में भोजपुर एसपी समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कांग्रेस आज (सोमवार) को एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी में है। इस संबंध में कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रविवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिला था, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। तिवारी ने कहा कि पार्टी पहले संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास करेगी। यदि थाना एफआईआर दर्ज करने से इनकार करता है, तो कोर्ट के माध्यम से मामला दर्ज कराया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के वकील विशाल तिवारी की ओर से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत को कथित फर्जी एनकाउंटर बताया गया है। बताया गया कि बुधवार, 17 जून को भोजपुर के बिलौती गांव में हुए एनकाउंटर में भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई थी। जनहित याचिका में संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की गई है। इसके साथ ही कानून के शासन की रक्षा के लिए एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित करने का अनुरोध किया गया है, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा किए जाने की मांग की गई है।
पटना हाईकोर्ट में भी भोजपुर के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर जनहित याचिका दाखिल की गई है। यह याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता गौरव द्विवेदी की ओर से दायर की गई है। उन्होंने पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को ईमेल और पत्र के माध्यम से याचिका भेजी है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में अदालत से स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेने और कथित फर्जी एनकाउंटर की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने की मांग की है।
इधर, भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद उनके गांव के लोग आक्रोशित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे अब इस मामले में पुलिस के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। पुलिस की ओर से गांव के 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं ग्रामीणों ने कहा है कि इससे वे डरने वाले नहीं हैं और अपना विरोध जारी रखेंगे।