पटना से सटे मसौढ़ी में मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन ही एक दुखद घटना सामने आई है। परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने की वजह से छात्रा को प्रवेश नहीं मिला। इससे आहत होकर उसने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली।
मैट्रिक की परीक्षा में एक छात्रा के एग्जाम सेंटर पर देर से पहुंचने पर उसे एंट्री नहीं मिली। इससे आहत छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। यह घटना मंगलवार की है। मंगलवार से ही बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा शुरू हुई है। पहले दिन ही यह दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। छात्रा की पहचान कोमल कुमारी के रूप में हुई है। यह घटना ने मसौढ़ी थाना क्षेत्र के खरजंबा गांव की है।
मंटू यादव की पुत्री कोमल मंगलवार को मैट्रिक की परीक्षा देने के लिए एग्जाम सेंटर पर थोड़ी देर से पहुंची। गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी समय समाप्त होने की वजह से एग्जाम सेंटर पर प्रवेश करने से रोक दिया। उसने एग्जाम सेंटर पर खड़े सुरक्षाकर्मी से बहुत आग्रह किया, लेकिन वे उसको वे छात्रा को नहीं प्रवेश करने दिए। इससे आहात छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्म हत्या कर ली। कोमल का पटना से सटे मसौढ़ी के बरनी स्थित परीक्षा केंद्र पर सेंटर पड़ा था। पीड़िता के परिजनों का कहना है कि परीक्षा छुटने को लेकर वह काफी तनाव में थी। पीड़िता के मां के अनुसार उसने घर में कपड़े बदले और फिर बिना किसी को कुछ बताए चुपचाप घर से निकल गई, जिसके बाद उसने महाराजचक के पास खुदकुशी कर ली।
पुलिस का कहना है कि मंगलवार दोपहर पुलिस को पटना-गया रेलखंड स्थित महाराजचक गांव के पास रेलवे ट्रैक से एक अज्ञात लड़की का शव पड़ा मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच (PMCH) भिजवा दिया। इधर जब कोमल बहुत देर तक अपने घर नहीं लौटी तो परिजन परेशान होकर उसकी तलाश शुरू कर दी। अपनी बच्ची की वह तलाश कर रही थी, इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुई हो रही तस्वीर देखकर परिजनों के होश उड़ गए। वे तुरंत थाना पहुंचे और पुलिस पूरी घटना विस्तार से बताया। परिजनों ने रेलवे ट्रैक पर मिली अज्ञात लाश की पहचान अपनी बेटी पहचान कोमल के रूप में की।
बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में इस वर्ष लगभग 15.12 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए हैं। बोर्ड ने सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। परीक्षा केंद्र पर जूता-मोजा पहनकर आने पर पाबंदी, समय पर पहुंचने जैसे स्पष्ट निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय के बाद पहुंचने वाले किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।