18 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सवर्णों को कमजोर समझने की भूल नहीं करें — UGC बिल पर बीजेपी नेता मिथलेश तिवारी का आरजेडी नेता भाई वीरेंद्र पर हमला

UGC बिल पर बिहार में सियासी तापमान एक बार फिर से बढ़ गया है। बीजेपी नेता मिथलेश तिवारी ने आरजेडी नेता भाई वीरेंद्र पर हमला करते हुए कहा है कि सवर्णों को कमजोर समझने की भूल नहीं करें।

2 min read
Google source verification

बीजेपी नेता मिथलेश तिवारी - आरजेडी नेता भाई वीरेंद्र

UGC कानून लागू होकर रहेगा, जिसको साथ रहना है रहे और जिसको नहीं रहना है वो अपने घर जाए। आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र के इस बयान के बाद बिहार में सियासी तापमान बढ़ गया है। भाई वीरेंद्र के बयान पर बीजेपी विधायक मिथलेश तिवारी ने पलटवार करते हुए कहा कि भाई वीरेंद्र पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उनमें इतनी ताकत नहीं है कि वो सवर्णो को खदेड़ दें, सवर्णो इतना कमजोर नहीं है। भाई वीरेंद्र पर सीधा हमला करते हुए उन्होंने आगे कहा कि सवर्णों को भाई वीरेंद्र कमजोर समझने की भूल नहीं करें, वो अपनी औकात में रहें।

जिसको रहना है रहे, जिसको जाना जाए

दरअसल, यह पूरा विवाद भाई वीरेंद्र के UGC बिल पर दिए एक बयान के बाद शुरू हुआ। भाई वीरेंद्र बिहार विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि UGC कानून लागू होकर रहेगा, जिसको साथ रहना है वो साथ रहे। जिसको नहीं रहना है वो अपने घर जांए। उन्होंने आगे कहा कि कौन विरोध करता है और कौन इसका समर्थन करता है, हमको इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। हम 85-90 प्रतिशत हैं। हम आगे हैं और हम इसको लेकर रहेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वो UGC कानून को लागू करें। सारा विपक्ष इसका समर्थन करेगा। एनडीए पर तंज कसते हुए उन्होंने आगे कहा कि पहले इस बिल को आगे किया और बाद में वे लोग अपने ही लोगों से कोर्ट में इसका विरोध करवा दिया। यह सब नहीं चलेगा। कानून लागू करना ही पड़ेगा।

सूपड़ा साफ हुआ तो आरक्षण की याद आ रही है

भाई वीरेंद्र के इस बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी विधायक मिथिलेश तिवारी ने कहा कि जो लोग आज यूजीसी बिल को लेकर हंगामा कर रहे हैं, उन्हें तब अपनी इस जिम्मेदारी याद क्यों नहीं आई। जब आधा सदन उनका ही हुआ करता था। वे सत्ता के केंद्र में हुआ करते थे। मिथिलेश तिवारी ने लालू प्रसाद यादव के 15 साल के शासनकाल और कांग्रेस के साथ उनके गठबंधन की याद दिलाते हुए कहा कि भाई वीरेंद्र तब कहां थे? उस समय इन सुधारों को क्यों नहीं लागू किया गया? तिवारी ने आगे कहा जब बिहार की जनता ने उनका ‘सूपड़ा साफ’ कर दिया है, तब उनको आरक्षण की याद आ रही है।

सवर्णों को कमजोर समझने की भूल नहीं करें

मिथिलेश तिवारी ने कहा कि आज देश के सर्वोच्च पदों (राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री मुख्यमंत्री) पर समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व है। सब कुछ ठीक चल रहा है तो विपक्ष इसपर वेवजह तनाव पैदा करने का काम कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है। कोर्ट इसपर विचार कर रहा हो, उस पर सदन में टिप्पणी करना न्यायालय की अवमानना के समान है। उन्होंने भाई वीरेंद्र पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि सवर्ण समाज इतना कमजोर नहीं है कि उनके खदेड़ देने से भाग जायेगा। वो सवर्णों को कमजोर समझने की भूल नहीं करें।